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16 साल के लड़के से स्कूल में होती थी छेड़छाड़, तब खोला बिजनेस और बन गया अरबपति

ज्यादातर लोगों की यह धारणा होती है कि कोई व्यक्ति तभी अमीर बन सकता है जब उसका जन्म किसी धनाढ्य परिवार में हुआ हो या फिर उसके संबंध धनी लोगों से हों।

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Sunil Sharma

Jun 29, 2018

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ज्यादातर लोगों की यह धारणा होती है कि कोई व्यक्ति तभी अमीर बन सकता है जब उसका जन्म किसी धनाढ्य परिवार में हुआ हो या फिर उसके संबंध धनी लोगों से हों। लेकिन ऐसी बातों को गलत साबित करते हुए कई लोगों ने खुद को रईसों की सूची में शामिल करवाया है। ऐसे ही एक रईस हैं आइकॉनिक डिजाइनर और बिजनेसमैन राल्फ लॉरेन। राल्फ का जन्म १९३९ में ब्रोंक्स (न्यूयॉर्क) में हुआ था। उनका परिवार यहूदी मूल का था, जो कि बेलारूस से अमरीका आ गया था।

उनका असली नाम राल्फ लिफशीट्ज था। १६ साल की उम्र में राल्फ और उनके भाई जेरी ने स्कूल में लगातार छेड़छाड़ से परेशान होकर अपना सरनेम लॉरेन रख लिया। राल्फ बचपन से ही फैशन की ओर आकर्षित थे। वह एक कमरे के अपार्टमेंट में रहते थे। वह बरूच कॉलेज में बिजनेस की स्टडी करने लगे, लेकिन उन्होंने दो साल बाद पढ़ाई छोड़ दी। १९६२ से १९६४ तक उन्होंने यूनाइटेड स्टेट आर्मी में सेवा दी। बाद में वह टाई बनाने वाली कंपनी ब्रूक ब्रदर्स के सेल्स असिस्टेंट बन गए।

इस कंपनी में काम करते हुए उन्होंने कुछ धन इकट्ठा किया। फिर उन्होंने राल्फ लॉरेन कॉरपोरेशन की शुरुआत की। उनकी खेल में रुचि थी, लिहाजा १९६८ में उन्होंने अपने पहले मेंसवियर कलेक्शन को पोलो नाम दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी कंपनी को विस्तार देना शुरू कर दिया। वह अपने कलेक्शन में फैशन को ध्यान में रखते हुए एक्सपेरिमेंट करने लगे और उसे मार्केट में उतारने लगे। यही नहीं, उन्होंने बुटीक खोलना भी शुरू कर दिया। राल्फ का मुख्य लक्ष्य क्वालिटी और कम्फर्ट लेवल था, जो हमेशा अभिजात वर्ग का प्रतीक रहे हैं।

राल्फ का फोकस हमेशा से रचनात्मकता पर रहा है। आज राल्फ अरबों की सम्पत्ति के मालिक हैं और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं। यह सब उनकी मेहनत का ही प्रतिफल है, जो कि उन्होंने सही समय पर सही दिशा में की। राल्फ का कहना है कि वह कपड़े डिजाइन नहीं करते, बल्कि सपने डिजाइन करते हैं। उनका कहना है कि सपने देखें और उन्हें जीएं। पॉजिटिव तरीके से इनोवेशन करें और रिस्क लेने से न घबराएं।