2 और पक्षियों की मौत, अब तक कुल 71 मरे

बर्ड फ्लू की पुष्टि और अलर्ट के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर

By: Mangal Singh Thakur

Published: 26 Jan 2021, 07:43 PM IST

मंडला. जिले में बर्ड फ्लू अपने पैर तेजी से पसारता जा रहा है। दो और पक्षियों की मौत के बाद जिले में पक्षियों की मौत का कुल आंकड़ा 71 तक जा पहुंचा है। अभी तक जिले में मात्र तीन पक्षियों के सैंपल भेजे गए हैं। तीनों की रिपोर्ट में बर्ड फ्लू पॉजीटिव पाए जाने के कारण पशु चिकित्सा विभाग सकते में है। एलर्ट जारी किए जाने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं होने के कारण पशु चिकित्सा विभाग ने नए सिरे से एडवाइजरी जारी की है क्योंकि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यदि बर्ड फ्लू पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया और यह पोल्ट्री फार्म तक पहुंच गया तो स्थिति भयावह हो जाएगी।
मर चुके हैं चूजे
हाल ही में जिले के पोल्ट्री फार्म में दो दर्जन से अधिक चूजों की मौत हो चुकी है। हालांकि इनमें बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए लेकिन चूजों की मौत की खबर फैलते ही पूरे जिले में आशंका की लहर दौड़ गई। यही कारण है कि पशु चिकित्सा सेवाएं एवं कृषि वैज्ञानिकों ने पोल्ट्री फार्म की बारीकी से जांच पड़ताल की और जब इस बात की पुष्टि हो गई कि चूजों की मौत बर्ड फ्लू से नहीं हुई बल्कि ठंड से हुई है तो जिले भर के पोल्ट्री फार्म संचालकों एवं पक्षी पालकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है ताकि इन तक बर्ड फ्लू की आंच न पहुंच सके।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्दी के मौसम में पशु एवं पक्षियों का सर्दी से बचाव एवं सुरक्षा करना अति आवश्यक है। इसी प्रकार अन्य मौसम की अपेक्षा सर्दी के मौसम में पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
बाड़े में बंद रखें पक्षियों को
उपसंचालक एमएल मेहरा ने बताया कि पशु, पक्षियों को सर्दी से बचने के लिये उनके आहार में ऊर्जा की मात्रा बढ़ाएं, ताकि उन्हें उचित मात्रा में पौष्टिक आहार मिल सके एवं ठंड से भी बचे रहे। इन दिनों अधिकतर पशुओं को सूखा चारा, सूखी घास खिलाते रहे। पशु को खनिज लवण मिश्रण 50 ग्राम प्रति दिन की दर से खिलाएं। पशुओं को रात में सार, पशु शेड में ही बाधे। शाम को अलाव जलाएं एवं रात में सर्दी से बचाव के लिये पशुओं के ऊपर गरम कपड़े ढकें। मुर्गी दाने का 15 दिनों से ज्यादा भंडारण ना करें, मुर्गीयों के दाने में ऊर्जा की मात्रा बढ़ाएं। 15 माह आयु से ऊपर मुर्गीयों की छँटनी कर दें। मुर्गी घर के चारों ओर सर्दी से बचने के लिये बोरियों के पर्दे लगा दें। मुर्गी घर को साफ-सुथरा, सूखा एवं गर्म रखने की व्यवस्था करें। पक्षियों को बाड़े में बंद रखें, पक्षियों के बाड़े में सफाई रखें। पक्षियों को स्वच्छ पेयजल एवं सन्तुलित आहार दें। पक्षियों का भोजन एवं पेयजल रोजाना बदलें एवं भोजन व पेयजल के बर्तनों की नियमित सफाई करें।

Mangal Singh Thakur
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