लोकसभा चुनाव 2019 में निकला निवेशकों का दम, डूब गए करीब 10 लाख करोड़ रुपए

लोकसभा चुनाव 2019 में निकला निवेशकों का दम, डूब गए करीब 10 लाख करोड़ रुपए

Saurabh Sharma | Publish: May, 14 2019 07:05:02 AM (IST) | Updated: May, 14 2019 12:03:26 PM (IST) बाजार

  • 16 अप्रैल को बीएसई का मार्केट कैप 1,54,23,532.13 करोड़ रुपए
  • 13 मई को बीएसई का मार्केट कैप 1,44,55,026.09 करोड़ रुपए
  • 13 मई को निवेशकों को हुआ 2,11,562 करोड़ रुपए
  • 26 अप्रैल को बीएसई का मार्केट कैप 1,53,08,828.49 करोड़ रुपए
  • करीब एक महीने में 2273 अंक नीचे आया सेंसेक्स

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के छह चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। 11 अप्रैल को शुरू हुए मतदान से लेकर अब तक शेयर मार्केट में भी काफी कुछ बदलाव आ चुका है। इन छह चरणों के बीच शेयर मार्केट के निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। मतलब साफ है कि जो सिलसिला मौजूदा सरकार के प्रति विश्वास का पहले चरण के मतदान से शुरू हुआ था, वो अब लगभग खत्म सा दिखाई दे रहा है। वैसे पिछले 10 दिनों में अमरीका और चीन का ट्रेड वॉर भी इस नुकसान के लिए जिम्मेदार रहा है। लेकिन यहां ज्यादा जिम्मेदारी सरकार के प्रति विश्वास कम होने की ज्यादा रही है। आइए आपको भी अपनी इस विशेष रिपोर्ट में बताते हैं कि आखिर पिछले एक महीने में किस तरह से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है...

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पहले आज की बात
सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली थी। अगर बात आंकड़ों की करें तो सेंसेक्स में 372.17 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बीएसई का मार्केट कैप 1,44,55,026.09 करोड़ रुपए पर आ गया। जिसकी वजह से शुक्रवार के मार्केट कैप के मुकाबले सोमवार का मार्केट 2,11,562 करोड़ रुपए से कम मिला। यानी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को 2,11,562 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। आपको बता दें कि रविवार को छठे चरण का मतदान था। जिसमें करीब 63 फीसदी मतदान हुआ। अगर बात दिल्ली की करें तो मात्र 58 फीसदी मतदान हुआ जोकि 2014 के मुकाबले करीब 6 फीसदी कम है। गौर करने लायक बात ये है कि नई दिल्ली में बैठकर पार्टियां देश की सरकार चलाती हैं।

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एक महीने में करीब 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान
11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान हुआ था। उस समय के मार्केट सेंटीमेंट्स की बात करें तो मौजूदा सरकार के साथ दिखाई दे रहा था। इस बात का अंदाजा 16 अप्रैल को बीएसई के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स को देखकर लगाया जा सकता है। 16 अप्रैल को सेंसेक्स 39364 अंकों पर बंद हुआ था। उसके बाद से मार्केट में गिरावट का ही देखने को मिला है। 13 मई को सेंसेक्स 37090.82 अंकों पर बंद हुआ है। यानी करीब एक महीने में सेंसेक्स में 2273 अंकों की गिरावट आ चुकी है। वहीं बात मार्केट कैप की करें तो 16 अप्रैल को बीएसई का मार्केट कैप 1,54,23,532.13 करोड़ रुपए था। सोमवार के मार्केट कैप से तुलना करें तो निवेशकों को 9,68,506 रुपए का नुकसान हो चुका है।

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पिछले 9 कारोबारी सत्रों में बड़ा नुकसान
अगर बात पिछले 9 कारोबारी सत्रों की बात करें तो निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। 26 अप्रैल से लेकर 13 मई तक सेंसेक्स को 1,940.73 अंकों का नुकसान उठाना पड़ा है। अगर बात मार्केटकैप की करें तो 26 अप्रैल को बीएसई का मार्केट कैप 1,53,08,828.49 करोड़ रुपए था। अगर इसकी तुलना सोमवार के मार्केट कैप से करें तो निवेशकों को 8,53,788.75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जानकारों की मानें तो जब से यूएस और चीन के बीच ट्रेड वॉर शुरू हुआ है, उसका असर एशियन मार्केट में देखने को मिला है। जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है।

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इन पर सबसे ज्यादा असर
बीते 9 कारोबारी सत्रों में जिन सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है वो फार्मा, कैपिटल गुड्स, पॉवर, ऑयल एंड गैस, मेटल, ऑटो, एनर्जी और बैंकिंग सेक्टर हैं। इन सभी में 3.53 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। अगर बात बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप की करें तो दोनों में 2.15 फीसदी नीचे गिर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर शेयर की बात करें तो सनफार्मा के शेयरों में 26 अप्रैल के बाद सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। सनफार्मा के शेयर इस दौरान 9.39 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

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अभी और गिर सकता है बाजार
जानकारों की मानें तो बाजार में गिरावट का दौर अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में चीन अमरीकी सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाने जा रहा है। जिससे ट्रेड वॉर की स्थिति में और मजबूती आएगी। वहीं दूसरी ओर साउदी अरब के क्रूड ऑयल के टैंकर्स में हमला हुआ है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में और इजाफा होगा, जिसका असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा जिस तरह से पॉलिटिकल सेंटीमेंट दिखाई दे रहे हैं उसका असर भी मार्केट में नकारात्मक दिखाई दे सकता है। ऐसे में मार्केट में गिरावट का दौर अभी दिखाई दे सकता है।

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