नवंबर से अब तक शेयर बाजार में तेजी के यह हैं चार मुख्य कारण

  • नवंबर के महीने से ही शुरू हो गई थी वैक्सीन के आने की खबरें, बाजारों को मिली मजबूती
  • अमरीकी चुनाव में जो बाइडेन की जीत के कारण भी शेयर बाजारों में देखने को मिली तेजी
  • इकोनॉमिक आंकड़ों से भी शेयर बाजार को मिला बूस्ट, विदेशी निवेश का भी मिला बाजार को सहारा

By: Saurabh Sharma

Updated: 09 Dec 2020, 05:46 PM IST

नई दिल्ली। आज शेयर बाजार ने हिस्ट्री क्रिएट करते हुए 46 अंकों पर पहुंचा। वहीं बीते 27 कारोबारी दिन शेयर बाजार की हिस्ट्री के लिहाज से सबसे तेज देखने को मिले। यानी नवंबर से लेकर अब तक सेंसेक्स 6500 से ज्यादा अंकों का उछाल लिया है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों देखने को मिला। इसके वैसे चार प्रमुख कारण हैं। जिसमें कोरोना वैक्सीन से लेकर अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव तक शामिल हैं। जिस दौरान अमरीकी बाजार अपने ऑल टाइम हाइक पर पहुंच गए थे और उसका फायदा देश के बाजार में भी देखने को मिला था। वहीं बाजार में तेजी एक वजह इकोनॉमिक आंकड़े भी हैं, जो नवंबर से लगातार बेहतरी की ओर इशारा कर रहे हैं। जबकि विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में अच्छा निवेश देखने को मिला है। उससे भी बाजार को काफी सपोर्ट किया है।

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद तेजी
नवंबर के पहले सप्ताह में अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में जो बाइडेन की जीत हुई है। लेकिन अमरीकी बाजारों में तेजी अमरीकी चुनावों शुरू होने से ही हो गई थी। काउंटिंग के दौरान तो डाउ, नैक्सडैक और एसएंडपी अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए थे। जिसका असर यूरोपीय और एशिया के बाकी बाजारों के साथ भारत में भी देखने को मिला। उसी समय से शेयर बाजार को काफी पुश मिला।

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कोरोना वायरस वैक्सीन
बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण कोरोना वायरस वैक्सीन अपडेट भी रही। पहले फाइजर, उसके मॉर्डना, फिर बाद में ऑक्सफॅार्ड की एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन के बारे में लगातार अपडेट आने से शेयर बाजार को मजबूती मिली है। ब्रिटे में वैक्सीन लगनी शुरू भी हो चुकी है। भारत भी फाइजर, एस्ट्राजेनेका आदि वैक्सीन के ऑर्डर दे चुका है। मोदी सरकार वैक्सीनेशन को लेकर प्लान ऑफ एक्शन तैयार कर रही है। यही वो वजह हैं जो बाजार को लगातार मजबूत बना रहे हैं।

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इकोनॉमिक आंकड़े रहे बेहतर
देश और दुनिया के इकोनॉमिक आंकड़े काफी बेहतर देखने को मिल रहे हैं। अगर बात जीएसटी के आंकड़ों की करें तो नवंबर काफी बेहतर रहा है। अक्टूबर और नवंबर दोनों महीने एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का जीएसटी कलेक्शन देखने को मिला है। आरबीआई ने जीडीपी को लेकर कहा है कि तीसरी और चौथी तिमाही में 0 से ज्यादा हो सकती है। साथ 2021 वित्त वर्ष में 6 फीसदी के आसपास रह सकती है। जबकि सरकार की ओर से दूसरी तिमाही के आंकड़े पहली तिमाही के 24 फीसदी के गिरावट के मुकाबले काफी बेहतर रहे हैं।

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विदेशी निवेशकों का बाजार में निवेश
विदेशी निवेशकों की ओर से नवंबर के महीने में रिकॉर्ड निवेश किया था। जबकि दिसंबर महीने में भी अब विदेशी निवेशकों की ओर से काफी अच्छा देखने को मिला है। अगर बात आंकड़ों की करें तो नवंबर के महीने में 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का देेखने को मिला था। जबकि बीते कारोबारी सप्ताह तक विदेशी निवेशकों का निवेश 17 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका था। यानी इस दौरान बाजार को पुश करने में विदेशी निवेशकों के निवेश का भी बड़ा हाथ रहा है।

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