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कोविड-19 से जंग के लिए तैयार IAS ट्रेनी, पहली बार सीधे फील्ड में पोस्टिंग

Coronavirus से जंग के लिए तैयार IAS ट्रेनी पहली बार सीधे फील्ड में किए गए पोस्ट
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 16 May 2020, 11:42 AM IST

IAS Trainee

कोरोना से जंग के लिए तैयार आईएएस ट्रेनी

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ( Central Govt ) लगातार इस घातक वायरस से निपटने के लिए कड़े कदम उठा रही है। लॉकडाउन ( Lockdown ) को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाना भी इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लॉकडाउन में लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए भी सरकार और प्रशासन लगातार कोशिश में जुटा है। इसी बीच भारतीय प्रशासनिक सेवा ( IAS ) के प्रशिक्षु ( Trainee ) भी अपनी एक साल की ट्रेनिंग पूरी कर कोविड-19 ( COVID-19 ) से जंग के लिए पूरी तैयार हैं।

मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से 182 में 96 IAS ट्रेनी अपने-अपने संबंधित जिलों में सड़क मार्ग के जरिये कोरोना से जंग के लिए पहुंच चुके हैं। इन सभी IAS ट्रेनी को सालभर का कड़ा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद फील्ड में भेजा गया है।

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आपको बता दें कि प्रशिक्षु अधिकारी आम तौर पर राज्य अकादमियों में एक महीने से तीन महीने के बीच कहीं भी बिताते हैं, ज्यादातर अपने क्षेत्र के प्रशिक्षण की शुरुआत में और व्याख्यान में भाग लेते हैं। अधिकारियों ने कहा कि कोविद -19 महामारी की अभूतपूर्व प्रकृति के कारण, उन्हें सीधे जिलों में ले जाया जा रहा है।

“जो लोग सड़क मार्ग से यात्रा कर सकते हैं वे शनिवार की सुबह अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हुए। अन्य, जो सिक्किम, असम, तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की यात्रा करेंगे, वे फिर से शुरू होने वाली उड़ानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ”

अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षुओं को उनके दीक्षांत समारोह के बाद 8 मई को छोड़ दिया गया था। 96 में से कुछ अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों की ओर से अकादमी से लेने के लिए भेजी गई कारों में यात्रा की, जबकि अन्य ने मसूरी से दिल्ली के लिए 30-सीटर बसों में यात्रा की।

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राजस्थान कैडर के प्रशिक्षु अधिकारी ने कहा, "सामाजिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बस में 15 लोग थे।" एक बार जब हम दिल्ली पहुंचे, तो हममें से सात लोगों की राजस्थान हाउस में जांच हुई, जहां हम दोपहर के भोजन के लिए रुके थे।"

अधिकारी ने कहा कि इसके बाद, वे कार से जयपुर पहुंचे। प्रत्येक कार में दो लोग थे। अधिकारी ने कहा कि सामान्य रूप से राज्य अकादमी में उनके महीने भर के व्याख्यान होते हैं। लेकिन इस साल, हम सीधे अपने जिलों में जा रहे हैं।