
Independence Day 2021: नई दिल्ली। 15 अगस्त 1947 को देश भले ही आजाद हो गया, लेकिन इस आजादी से पहले जरूरी थी इसको हांसिल करने के जज्बे की और जज्बे को जिंदा करने में देश के वीर सपूतों अपने लहू के साथ मौत को भी हंसते हुए गले लगा लिया।
स्वतंत्रता के लिए लड़ना वीर सपूतों ने ही सिखाया। देश को आजाद कराने के लिए वीरों ने जान की बाजी लगा दी। 1947 में मिली आजादी की चिंगारी 1857 में ही लग गई थी। आजादी बड़ी-यादें छोटी हो गईं।
आजादी की अलख जगाने और देश को आजाद कराने के लिए लड़ने वाले वीर सपूतों में कई ऐसे गुमनाम भी हैं जिनके बारे में कोई जानता ही नहीं। अंग्रेज हत्यारे कूपर के जुल्मों का डंटकर सामने कर ऐसे गुमनाम वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों को हिला दिया।
सन् 1857 की जंग में छावनी से 4 सैनिक भागने में सफल रहे। हालांकि 6 मील की दूरी पर रावी नदी के रेत पर भूख और प्यास के चलते ये चारों सैनिक कुछ देर रुक गए।
चार सैनिकों के भागने की घटना अंग्रेजों को नागवारा गुजरी, लिहाजा भूखे भेड़ियों की तरह वो सैनिकों को ढूंढने में जुट गए। सूर्योदय से पहले ही कूपर नामक बौखलाए अंग्रेज अधिकारी ने उन्हें घेर लिया।
यही नहीं जलियावाला बाग में हुए नरसंहार के जिम्मेदार जनरल डायर से बड़े इस हत्यारे कूपर ने उन चार निहत्थे सैनिकों को जान से मार देने का आदेश भी जारी कर दिया।
आजादी के इन परवानों को इस क्रूर और हत्यारे अंग्रेज कूपर ने सबके सामने जिंद गोलियों के भूनने का आदेश दे डाला। पूरा तट गोलियों की बौछार से गूंज उठा।
तट पर गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास के पशु-पक्षी भी डर के मारे भाग खड़े हुए।
कूपर के आदेश पर इन चारों सैनिकों को गोलियों की बौछार कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।
इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी की चीख निकाल दी।
इन चार सैनिकों के बाद कूपर ने भागे हुए 282 अन्य सैनिकों को पकड़ा। इन्हें वह कोड़े बरसाता हुआ अजनाले थाने ले आया।
इस बीच कुछ सैनिक रावी की धारा में कूद गए। बचे हुए सैनिकों को कूपर ने अजनाले के पार्श्व में एक तंग गुम्मद में जिंदा ठूंस दिया।
यह गुम्मद अब उन शहीदों की जीवित समाधि बन चुका था।
इस संकरे गुम्मद को लोग 'काल्या द खूह' कहते हैं।
1857 की क्रांति ने ना सिर्फ पूरे भारत में आजादी की अलख जगाई बल्कि अंग्रेजों की जड़ों को हिलाकर रख दिया।
ये पूरी दास्तां सीतापुर की धरती पर हुए उस नरसंहार की है जिसमें देश के वीर सपूतों ने अपनी शहादत से देश को एक सुनहरा भविष्य सौंप दिया।
Updated on:
14 Aug 2021 05:15 pm
Published on:
14 Aug 2019 06:53 pm
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