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कोरोना फैलने से रोकने के लिए एक जैसा काम कर रहे हिंदुस्तानी-अमरीकी

84 फीसदी भारतीय और अमरीकी लोग घरों में ही रह रहे है। इप्सोस ने दुनिया के 14 देशों में किया है एक सर्वेक्षण। इस सूची में स्पेन नंबर एक पर जापान सबसे आखिरी में।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 9 Apr 2020, 11:55 PM IST

What Indians are doing to protect against Coronavirus

What Indians are doing to protect against Coronavirus

नई दिल्ली। भारत में 84 प्रतिशत लोग COVID-19 के खतरे से बचने के लिए अपने घरों में ही रह रहे हैं। यह बात इप्सोस के सर्वेक्षण में सामने आई है। यह सर्वेक्षण भारत सहित दुनिया के 14 देशों में किया गया है, जिसमें पाया गया है कि कुल पांच में से चार व्यक्ति कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए घरों में ही रह रहे हैं। हालांकि भारत दुनिया के तमाम मुल्कों से इस मामले में काफी पीछे है।

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जापान इसका अपवाद है, जहां अधिकतर लोग घरों में बंद नहीं हैं। खुद को आइसोलेशन में रखने वाले लोगों की बात की जाए तो इस मामले में रूस, वियतनाम और ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे हैं।

भारतीय (84 प्रतिशत) खुद को एकांतवास में रखने के मामले में अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर हैं। वहीं, स्पेन (95 प्रतिशत), वियतनाम (94 प्रतिशत), फ्रांस (90 प्रतिशत), ब्राजील (89 प्रतिशत), मेक्सिको (88 प्रतिशत) और रूस (85 प्रतिशत) के साथ कोरोना के प्रसार को रोकने के मामले में सबसे आगे हैं।

जबकि जापान एकमात्र अपवाद है, जहां केवल 15 प्रतिशत लोगों ने ही एकांतवास को तवज्जो दी है।

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कुल मिलाकर आंकड़े यह बताते हैं कि सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश देशों के नागरिकों ने कोरोना को हराने के लिए एकातंवास की रणनीति को अच्छी तरह से स्वीकार किया है। इन देशों में न केवल सरकारें एकांतवास के उपायों को लागू कर रही हैं, बल्कि ज्यादातर नागरिक भी इसका अनुपालन करते हुए अपने घरों में ही रह रहे हैं।

यह सर्वेक्षण दो से चार अप्रैल के बीच कुल 28,000 लोगों के बीच किया गया, जिसमें खुद से एकांतवास का पालन करने के मामले में जापान फिसड्डी साबित हुआ।