
Kargil Vijay Diwas: President Ramnath Kovind ने Army Hospital को दिया 20 लाख का चेक
नई दिल्ली। 26 जुलाई यानी रविवार को कारगिल विजय दिवस ( Kargil Vijay Diwas ) मनाया गया। भारत के इतिहास ( History of india ) में यह तारीख भारतीय जांबाजों के अदम्य साहस और बलिदान की गवाह है। इस बीच देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) ने करगिल के योद्धाओं ( Kargil's Warriors ) के सम्मान में आर्मी हॉस्पिटल ( Army Hospital ) को 20 लाख रुपए का चेक सौंपा। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा दी गई धनराशि का इस्तेमाल कोरोना वायरस से जंग ( fight against coronavirus ) में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और दवाइयों में किया जाएगा। इससे पावर्ड एयर प्यूरिफाइंग रेस्पाइरेटर (PAPR) खरीदे जाएंगे। आपको बता दें कि PAPR का इस्तेमाल सर्जरी के समय किया जाता है। दरअसल, यह मरीज को सांस लेने में सपोर्ट करता है। यह उपकरण कोरोना के इलाज ( Corona treatment ) में काफी मददगार माना जाता है।
एक सरकारी बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) में करगिल के शहीदों ( Martyrs of Kargil ) को श्रद्धांजलि के रूप में दिल्ली आर्मी हॉस्पिटल ( Delhi Army Hospital ) को 20 लाख रुपए दान किए हैं। यह धन कोरोना महामारी ( Coronavirus Crisi ) के खिलाफ जारी लड़ाई में इस्तेमाल की जाएगी। यह धनराशि राष्ट्रपति भवन ( President's House ) की संपदा से जुटाई गई है। दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले ही खर्च में कमी लाने के संकेत दिए थे। राष्ट्रपति भवन के एक बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति कोविंद ने समारोह में इस्तेमाल होने वाली limousine कार को खरीदने का फैसला टाल दिया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति की ओर से उठाए गए इन कदमों से भारतीय सेना ( Indian Army ) के जवानों में उत्साह का संचार होगा। आपको बता दें कि आज देशभर में करगिल विजय दिवस के रूप में देश के लिए जान देने वाले जांबाजों को याद किया जा रहा है। भारत की पाकिस्तान ( India-Pakistan War ) पर फतेह को आज 21 साल पूरे हो गए हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल सेना का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। 26 जुलाई 1999 यानी आज ही के दिन भारतीय सेना ने करगिल में भारत का विजय पताका लहराया था। लगभग तीन महीनें चली इस लड़ाई में भारतीय सैनिकों ने करगिल की दुर्गम चोटी पर चढ़ दुश्मन को धूल चटाई थी। पाकिस्तान के साथ इस लड़ाई में भारत के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। वहीं, आर्मी हॉस्पिटल में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ भी जंग में घायल हुए जवानों का दिन—रात इलाज कर रहे थे।
Updated on:
26 Jul 2020 06:12 pm
Published on:
26 Jul 2020 06:04 pm
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