
mallikarjun kharge
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के नए अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में पत्र लिखकर जानकारी दी है। उन्होंने राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम को पीएम मोदी के आवास पर आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्यों का चयन करने वाली नियुक्ति समिति की सिफारिशों पर एतराज जताते हुए अपनी असहमति भी जताई।
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समिति ने एक भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र में लिखा, मैंने की बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों से संबंधित कम से कम एक व्यक्ति को नियमों के तहत आयोग का अध्यक्ष या सदस्य नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव किया था। नेता प्रतिपक्ष ने अपने प्रस्ताव कहा कि अगर यह संभव नहीं है तो नियुक्ति समिति की बैठक को सात दिन के लिए टाला जा सकता है। ताकि इन वर्गों के उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित किया जा सके। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र में कहा कि समिति ने उनके एक भी प्रस्ताव को नहीं माना है।
रिटायर्ड जस्टिस अरुण मिश्रा बने NHRC के अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरुण मिश्रा को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। NHRC के अध्यक्ष के तौर पर आज अरुण मिश्रा अपना कार्यभार संभालेंगे। जस्टिस अरुण मिश्रा ने 1978 में एक वकील के रूप में काम शुरू किया। वह 1998-99 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने 7 जुलाई 2014 को सर्वोच्च न्यायालय में पद संभालने से पहले राजस्थान उच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने उनके नाम को मंजूरी दी। NHRC के अध्यक्ष का पद पिछले छह महीने से खाली था।
Published on:
2 Jun 2021, 10:45 AM IST
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