Coronavirus: कोरोना के ट्रिपल म्यूटेशन वाले वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानिए कितना है खतरनाक

कई राज्यों में कोरोना वायरस का ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट वाला वायरस पाया गया है।
यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है और लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

नई दिल्ली। देश में महामारी कोरोना वायरस बेलगाम होता जा रहा है। रोजाना कोरोना के मरीजों की संख्या एक नया रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार को देश में कोरोना वायरस के करीब 3 लाख नए मामले सामने आए हैं। वहीं दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के पीछे वायरस का डबल म्यूटेंट वेरिएंट जिम्मेदार है। देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म भी नहीं हुई है और एक और चुनौती देश के सामने आ गई है। दरअसल, कई राज्यों में कोरोना का ट्रिपल म्यूटेंट वायरस आ गया है। यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है और लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

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कई राज्यों में मिले ट्रिपल म्यूटेंट
एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों को तीसरे वेरिएंट के लक्षण मिल है। यह नया वेरिएंट देश के कई हिस्सों फैंल चुका है। खबरों की माने तो के अनुसार, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में ट्रिपल म्यूटेंट के मामले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अलग-अलग देशों में कोरोना के बढ़े हुए मामले की वजह से इसका स्वरूप बदल गया है। जिन पर कई बार वैक्सीन भी असर नहीं डाल पाती।

जल्दी बीमार पड़ रहे हैं लोग
मैकगिल यूनिवर्सिटी में एपडेमीआलजी के प्रोफेसर मधुकर पई ने कहा कि यह एक अधिक संक्रमण फैलाने वाला वेरिएंट है। इसके संपर्क में आने से लोग बहुत जल्दी बीमार पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि हमें वैक्सीन में लगातार सुधार करते रहना होगा। इसके लिए हमें बीमारी को समझने साथ इसकी सीक्वेंसिंग को भी युद्धस्तर पर समझना होगा। डबल म्यूटेशन का पता लगाने में देरी के चलते मौजूदा समय में वायरस के फैलने का कारण हो सकता है। देश के सामने एक बड़ी चुनौती है। देश में सभी केसों में सिर्फ एक फीसदी केस की ही जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है।

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क्या है ट्रिपल म्यूटेशन
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ समय पहले डबल म्यूटेशन भारत में सामने आया था। यह दो स्ट्रेन से बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद अब तीन कोविड वेरिएंट से मिलकर ट्रिपल म्यूटेशन तैयार हुआ है। म्यूटेशन भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में नया संक्रमण फैला रहे हैं। ट्रिपल म्यूटेशन कितना संक्रामक है और कितना घातक है, इसका पता लगाने के लिए शोध करना पड़ेगा। अभी देश में मात्र 10 लैब वायरस जीनोम अध्ययन में शामिल है।

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Shaitan Prajapat
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