UNSC: भारत ने अफगानिस्तान को दिया पूरे सहयोग का भरोसा, पाकिस्तान हुआ बेनकाब

UNSC Meeting में भारत ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर बताया आतंकियों की पनाहगाह, अफगानिस्तान ने भी तालिबान की मदद करने के लिए पाकिस्तान को लताड़ा

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( UNSC Meeting ) की बैठक का आयोजन शुक्रवार देर शाम को हुआ। बैठक की पहली बार अध्यक्षता करते हुए भारत आतंकवाद ( Terrorism )के खिलाफ एक्शन मोड में नजर आया। भारत ने इस बैठक में बढ़ती हिंसा के बीच अफगानिस्तान ( Afghanistan ) को पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही बिना नाम लिए पाकिस्तान ( Pakistan ) को भी आतंकवादियों की पनाहगाह के तौर पर बेनकाब किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और अगस्त माह के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष टीएस तिरुमूर्ति ने कहा है कि आतंक को पनाह देने वालों की जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है। भारत ने अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात पर अपने विचार साझा किए और युद्धग्रस्त देश में तालिबान की बढ़ती हिंसा को देखते हुए फौरन और व्यापक संघर्ष विराम पर जोर दिया।

यह भी पढ़ेंः UNSC बैठक की अध्यक्षता करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे नरेंद्र मोदी , जानिए किन मुद्अदों पर होगी बात

संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, अफगानिस्तान की वर्तमान स्थितियां हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। हिंसा के खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट साफ करती है कि यहां नागरिकों की मौतें और निशाना बनाकर की गई हत्याएं रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

तिरुमूर्ति ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान का जिक्र करते हुए अफगानिस्तान में शांति बहाल करने के लिए क्षेत्र में आतंकवादियों की पनाहगाहों को फौरन नष्ट किए जाने और आतंकवादियों की आपूर्ति श्रृंखला बाधित करने पर जोर दिया।

आतंकियों ने निशाने पर ये लोग
तिरुमूर्ति ने कहा कि आतंकी धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों, छात्राओं, अफगानी सुरक्षा बलों, उलमाओं, जिम्मेदार पदों पर नियुक्त महिलाओं, पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के परिसर को भी नहीं छोड़ा गया, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री के आवास पर हमला हुआ। एक भारतीय पत्रकार की हत्या कर दी गई।

तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि अफगानिस्तान में वैध और पारदर्शी लोकतंत्र की स्थापना के लिए भारत हमेशा उसके साथ खड़ा है।

तिरुमूर्ति ने 15 सदस्यीय यूएनएससी से कहा कि वक्त आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर पर यह परिषद स्थिति का जायजा ले और स्थायी एवं व्यापक संघर्ष विराम में मदद करने वाली कार्रवाई पर फैसला करे।

तोड़नी होगी आतंकियों की सप्लाई चेन
अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने के लिए, यहां स्थित आतंकियां की सुरक्षित पनाहगाहों को तुरंत खत्म करना होगा और उनकी सप्लाई चेन को तोड़ना होगा।

पाकिस्तान कर रहा तालिबानी आतंकियों की मदद
अफगानिस्तान के राजदूत गुलाम एम इसाकजई ने कहा कि तालिबान को पाकिस्तान से मदद मिलती है। अफगानिस्तान में प्रवेश करने के लिए डूरंड रेखा के पास जमा तालिबानियों के वीडियो सामने आ रहे हैं।
यही नहीं पाकिस्तानी अस्पतालों में तालिबानियों के इलाज के वीडियो सामने आ रहे हैं।

यह भी पढ़ेंः मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, कोरोना से अनाथ बच्चों को दिया जाएगा 5 लाख रुपए का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा

खतरनाक मोड़ पर अफगानिस्तान
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि डेब्रा लियोन ने कहा कि UNSC को स्पष्ट बयान जारी करना चाहिए कि शहरों के खिलाफ हमले बंद हों। देशों को सामान्य युद्धविराम पर जोर देना चाहिए। जबरन बनी सरकार को मान्यता नहीं दी जाएगी। अफगानिस्तान खतरनाक मोड़ पर है।

धीरज शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned