
बैंकॉक। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दोहरा चरित्र दिखाने वाला पाकिस्तान अब मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है। आतंकी मसूद अजहर को गुपचुप तरीक से रिहा करने के बीच आर्थिक तंगी से गुजर रहे पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है।
पाकिस्तान टेरर फंडिंग पर निगरानी रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ( FATF ) के सामने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर सफाई देगा। FATF के सामने पाकिस्तान 27 विन्दुओं पर अपनी बात रखेगा।
इस दौरान यदि सही-सही जानकारी देने में पाकिस्तान असमर्थ रहता है तो फिर FATF पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट कर देगा।
बता दें कि रविवार को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान का 20 सदस्यीय दल बैंकाक पहुंचा था।
एफएटीएफ की बैठक में मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए इस्लामाबाद ने क्या कदम उठाए हैं इसपर विचार किया जा रहा है।
पाकिस्तान और FATF के बीच वार्ता
पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है कि बैंकाक पहुंचे पाकिस्तानी दल में आर्थिक मामलों के संघीय मंत्री हम्माद अजहर, संघीय जांच एजेंसी, स्टेट बैंक, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान, एंटी नारकोटिक्स फोर्स और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और एफएटीएफ के बीच यह वार्ता 13 सितंबर को नतीजा आने तक वार्ता जारी रहेगी। वार्ता के नतीजे से तय होगा कि पाकिस्तान का नाम ग्रे सूची में रहेगा या इसे ब्लैक लिस्ट में जोड़ा जाएगा।
बता दें कि इससे पहले आतंकियों पर कार्रवाई करने और टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए कई बार पाकिस्तान को मौका दिया गया है। FATF ने 27 बिन्दुओं पर पाकिस्तान को कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन इससे पहले पाकिस्तान ने केवल दो बिन्दुओं पर ही कार्रवाई की थी।
इसके बाद FATF ने पाकिस्तान को अक्टूबर तक का समय दिया था। अब बैंकॉक में इस मामले में फिर से चर्चा की जा रही है।
Updated on:
09 Sept 2019 01:03 pm
Published on:
09 Sept 2019 10:19 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
