तालिबान से शांति वार्ता पर भारत की चेतावनी, जल्दबाजी न करे अमरीका

तालिबान से शांति वार्ता पर भारत की चेतावनी, जल्दबाजी न करे अमरीका

Shweta Singh | Publish: Jun, 20 2019 07:05:05 PM (IST) | Updated: Jun, 20 2019 07:08:48 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • US-Taliban Talk पर भारत ने दी चेतावनी-अफगानिस्तान के लोगों के हित में नहीं है वार्ता
  • UNSC में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने नाम लिए बिना US-पाक को चेताया

संयुक्त राष्ट्र। अमरीका और तालिबान के बीच जल्द ही कतर में नए दौर की बातचीत ( US-Taliban Talk ) शुरू होने वाली है। लेकिन इस शांति वार्ता से पहले भारत ने नाम लिए बिना अमरीका को एक बड़ी नसीहत दी है। भारत ने अमरीका को आतंकी समूह के साथ बातचीत में जल्दबाजी न करने को चेताया है। भारत का दावा है कि यह बातचीत अफगानिस्तान की भलाई के बजाय वाशिंगटन की ओर से निर्धारित की गई समयसीमा को अधिक समर्पित है।

वार्ता से अफगानिस्तान के लोगों की भलाई

यह चेतावनी बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( unsc ) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ( syed akbaruddin ) ने दी है। अफगानिस्तान के गृहयुद्ध को समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का स्वागत करते हुए, उन्होंने कहा, 'हम देख रहे हैं कि कोई घटनाक्रम की तात्कालिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। लेकिन यह शायद अफगानिस्तान के लोगों की जरूरत के हिसाब से नहीं है।' इसके साथ ही पाकिस्तान पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह को खत्म करना शांति समझौते को आगे बढ़ाने की एक पूर्व शर्त है।'

बिन US-पाक का नाम लिए ही दी चेतावनी

हालांकि, अकबरुद्दीन ने अमरीका या पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके लिए दिया गया संदेश साफ समझ आ रहा था। उन्होंने पाक से बातचीत न करने का आदेश देते हुए कहा, 'हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि एक सीमापार से हिंसा और आतंकी गतिविधि के लिए समर्थन और सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है। इसके बावजूदउन्हें फायदेमंद जगह से बातचीत की इजाजत दी जाए।'

Iran revolutionary guards ने US Drone को मार गिराया, इनकार के बाद अमरीका ने भरी हामी

UNSC

खत्म हों सभी आतंकी संगठन: अकबरुद्दीन

अकबरुद्दीन ने कहा, 'वास्तविक और स्थायी शांति के लिए आतंकी नेटवर्क को मुहैया कराए जाने वाली सुरक्षित पनाहगाही बंद किए जाने की जरूरत है। तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, इस्लामिक स्टेट (IS) और यहां तक कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत अलकायदा और इसके संबंधित समूह को समाप्त करने की जरूरत है।'

White House Lockdown: वाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध, एक संदिग्ध गिरफ्तार

Donald Trump

अमरीकी चुनाव के चलते ट्रंप की जल्दबाजी

गौरतलब है कि वाशिंगटन तालिबान के साथ एक शांति समझौते पर पहुंचना चाहता है। ऐसा इसलिए ताकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान में अमरीकी संलिप्तता को खत्म कर और अपनी सेना को वापस बुलाने का अपना चुनावी वादा पूरा कर सकें। ट्रंप चुनाव प्रचार अभियान के मद्देनजर यह कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि अमरीका में अगले साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं।

विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर...

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned