आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिन्द्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लेटर लिखा है जिसमें कहा गया है कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रूपए आती है तो यह 251 रूपए में कैसे बिक सकता है? उन्होंने कहा कि यदि ऐसे स्मार्टफोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल के तहत बेचा जाता है, तो भी इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रूपए आती है। उन्होंने इसके चलते सवाल उठाया कि जब इस प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?