
आजकल प्ले स्टोर पर हजारों तरह के एप्स मौजूद हैं जो आपके लिए काफी काम के साबित हो रहे हैं। लेकिन इनमें से कई एप्स ऐसे हैं जो आपके पर्सनल डेटा को हासिल करते हैं। इसके अलावा आजकल कई थर्ड पाटी एप्स भी मौजूद हैं जो यूजर्स का डेटा चुराकर उन्हें लीक करने का काम करते हैं। ऐसे में थर्ड पार्टी एप्स ही सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बहुत सारे गेम एप्स अपने यूजर्स से उनकी फ्रेंड लिस्ट या मैसेज पढ़ने तक की परमिशन मांगते हैं। लेकिन आमतौर पर लोग इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन इसके काफी गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।
सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक का इस्तेमाल करने वालों का डाटा चुराए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच एक्सपर्ट्स ने स्मार्टफोन में बाहरी एप के डाउनलोड करने से जुड़े जोखिमों के लिए भी आगाह किया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्मार्टफोन यूजर्स को इस तरह के‘ थर्ड पार्टी एप’ के बारे में सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसे एप से यूजर्स की अहम जानकारियां साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है।
एक विवाद हुआ है की 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम कर रही फर्म केंब्रिज एनालिटिका ने पांच करोड़ फेसबुक यूज़र्स से जुड़ी जानकारी उनकी सहमति के बिना हासिल की। नेटवर्क इंटेलीजेंस के चीफ अल्ताफ हाल्दे के मुताबिक यूजर्स को केवल सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें अपने स्मार्टफोन पर थर्ड पार्टी एप को दी जाने वाली जानकारियों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बहुत सारे गेम अपने यूज़र्स से उनकी फ्रेंड लिस्ट या मैसेज पढ़ने तक की अनुमति मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा की किसी गेम एप को मेरी एड्रेस बुक का क्या करना है। आमतौर पर लोग इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन इसके काफी गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है की साइबर सुरक्षा के लिहाज से फेसबुक की हाल ही में हुई घटना सभी के लिए एक सबक है। जब तक हम दुष्प्रभावों को नहीं देखते हम किसी खतरे को भांप नहीं पाते। यदि फेसबुक जैसी बड़ी कंपनी से डेटा चुराया जा सकता है तो हम कैसे यकीन करेंगे कि हमारे पर्सनल डेटा का दुरूपयोग साइबर अपराधी नहीं कर रहे हैं।
Published on:
27 Mar 2018 02:54 pm
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