कुम्भ में कैसे डुबकी लगेगी,इस छोटी गंगा का पानी नहीं बचा आचमन के लायक

तीन दिन पहले रामगंगा के पानी के नमूने लिए गए थे,जिसमें पीएचक्यू लेवल बहुत ज्यादा है,

By: jai prakash

Published: 18 Dec 2018, 02:06 PM IST

मुरादाबाद: कुम्भ में स्वच्छ पानी के लिए गंगा और उसकी सभी सहायक नदियों में गन्दा पानी और प्रदूषण रोकने के निर्देश पिछले दिनों सभी जिलों को दिए गए थे। इसी तर्ज पर मुरादाबाद से बहने वाली रामगंगा नदी में भी बिजनौर से लेकर मुरादाबाद तक सभी ऐसी फैक्ट्रियों और नालों को बंद करने के आदेश दिए गए थे,जिनका पानी सीधे नदी में आता है। लेकिन तीन दिन पहले रामगंगा के पानी के नमूने लिए गए थे,जिसमें पीएचक्यू लेवल बहुत ज्यादा है,जिससे लोग बीमार भी हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी सकते में है।

सेना के गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपी का होगा कोर्ट मार्शल, अब तक हुर्इ ये कार्रवार्इ

रिपोर्ट आई ये

जनवरी में महाकुम्भ के मद्देनजर नदियों के पानी को साफ़ करने की योजना थी,सोमवार जो रामगंगा नदी के पानी की रिपोर्ट आई उसमें कई रसायन खतरनाक स्तर को पार कर चुके हैं। जिस कारण नदी में नहाना तो दूर आचमन भी खतरनाक हो सकता है। ये हाल तब है जब पिछले दिनों एनजीटी से लेकर स्थानीय प्रशासन ने लाख दावे नदी के साफ़ करवाने के किये थे।

Big Breaking: स्कूल में मासूमों की मौत के बाद प्रिंसिपल गिरफ्तार, सीएम योगी ने तलब की रिपोर्ट

होगी कार्यवाही

क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डॉ आर के सिंह के मुताबिक शहर के साथ ही नदी के पानी के कई और जगह से भी नमूने भरे गए थे। जिनमें तय मानक से ज्यादा प्रदूषण मिला है। जिन इकाइयों से नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है उन पर अब कार्यवाही की जायेगी।

बड़ी खबरः मासूम से रेप करने वाले को दो साल बाद कोर्ट ने दी, इतने साल तक जेल में रहने की सजा

इनसे होता है पानी खराब

यहां बता दें कि रामगंगा में बिजनौर से लेकर मुरादाबाद में 500 से अधिक छोटी बड़ी फैक्ट्रियां हैं,जिनका गंदा पानी बिना शोधन के ही नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही शहर के सभी गंदे नाले सीधे रामगंगा में जा रहे हैं। जल निगम अभी तक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू ही नहीं कर पाया। जोकि पिछले कई सालों से लंबित है।

दो माह पहले फेसबुक पर किशोरी से की दोस्ती, फिर दोस्तों संग होटल में ले जाकर किया ये काम

आसपास की आवोहवा भी हुई खराब

प्रदूषण के चलते न सिर्फ रामगंगा का पानी ही खराब हो रहा है बल्कि उसके आस पास की वनस्पति भी खराब हो रही है। रामगंगा और शहर में एयर पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के प्रोजेक्ट से जुड़ीं डॉ अनामिका त्रिपाठी के मुताबिक नदी में गंदे नालों के साथ ही बड़ी मात्रा में ई कचरा डाला जा रहा है। इससे शहर की आवोहवा भी खराब हो चुकी है। इसको लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन को रिपोर्ट दी जा चुकी है,लेकिन अवैध रूप से ई कचरे की भट्टियां अभी भी जल रहीं हैं।

Show More
jai prakash
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned