scriptMinor canal burst, 30 bigha wheat crop of 12 farmers drowned, 500 bigh | माइनर नहर फूटी, 12 किसानों की 30 बीघा गेंहू की फसल डूबी, 500 बीघा फसल प्रभावित | Patrika News

माइनर नहर फूटी, 12 किसानों की 30 बीघा गेंहू की फसल डूबी, 500 बीघा फसल प्रभावित

locationमोरेनाPublished: Nov 26, 2023 10:09:42 pm

Submitted by:

Ashok Sharma

- बंधा के किसानों ने किए अधिकारियों को फोन, 24 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे अधिकारी, नहीं रहते मुख्यालय पर
- पानी छोडऩे से पहले नहीं हुई माइनर की सफाई, इसलिए फूट गई नहर

माइनर नहर फूटी, 12 किसानों की 30 बीघा गेंहू की फसल डूबी, 500 बीघा फसल प्रभावित
माइनर नहर फूटी, 12 किसानों की 30 बीघा गेंहू की फसल डूबी, 500 बीघा फसल प्रभावित

मुरैना. सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अंबाह ब्रांच कैनाल से निकली पांच आर माइनर के फूट जाने से बंधा गांव के एक दर्जन किसानों के करीब 30 बीघा गेंहू की फसल डूब गई वहीं बंधा, जारह, हेतमपुर, जनकपुर, तोरखेड़ा, पचोखरा से अधिक गांवों की गेंहू की करीब 500 बीघा की फसल प्रभावित हो जाएगी क्योंकि माइनर फूटने से समय पर पानी नहीं मिल पाएगा। किसानों का कहना हैं कि अगर पानी छोडऩे से पहले माइनर की सफाई हो जाती तो यह फूटती नहीं।
बंधा गांव के पास शनिवार की शाम को माइनर फूट गई जिससे किसान सुनील डंडोतिया, संजीव सिंह, गिर्राज डंडोतिया की करीब 15 बीघा, रामसहाय गुर्जर, कंपोटर गुर्जर, दीवान सिंह, भवूती सिंह की छह- सात बीघा सहित करीब 30 बीघा गेंहू की फसल में पानी भर गया है। किसानों बड़ी मशक्कत के बाद तो गेंहू की बोनी की थी, अब सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते उगने के बाद गेंहू की फसल बर्बाद हो गई। दोबारा गेंहू बोने के लिए किसान को करीब एक महीने इंतजार करना होगा, तब तक काफी लेट हो चुके होंगे। शनिवार की शाम से लगातार एसडीओ गजेन्द्र सिंह कंषाना, सब इंजीनियर एस के टुंडेलकर और इस क्षेत्र की नायब तहसीलदार को किसान लगातार फोन कर रहे हैं लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इसको लेकर किसानों में आक्रोश है।
पत्रिका ने भी उठाया था नहरों की सफाई का मुद्दा
नहरों की सफाई का मुद्दा पत्रिका ने भी उठाया था लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय रहते एबीसी की 22 एल से निकली पांच आर माइनर की सफाई हो जाती थी तो वह फूटती नहीं। माइनर में बड़े- बड़े झाड़ खड़े हैं। वहीं पचोखरा गांव में दबंगों ने इस माइनर को तोडकऱ खेतों में जोत लिया है और बंधा व पचोखरा गांव के बीच माइनर को बंद कर दिया है। अगर नहर की सफाई हो जाती तो यह ज्वॉइंट भी खुल जाता लेकिन अधिकारियों ने सफाई को गंभीरता से नहीं लिया। किसानों ने इस मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर दी है उसके बाद भी अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है।
क्या कहते हैं किसान
- बंधा के पास शनिवार की शाम को माइनर नहर फूट गई है। लगातार अधिकारियों को फोन लगा रहे हैं लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। एक ने फोन उठाया लेकिन 24 घंटे बाद भी मौके पर कोई अधिकारी नहीं आया है।
सुनील डंडोतिया, किसान
- माइनर फूटने से क्षेत्र की करीब 30 बीघा गेंहू की फसल तालाब बन गई है। फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अब दोबारा खेत में जोत आएगी तब तक काफी देर हो चुकी होगी। समय पर माइनर की सफाई हो जाती तो किसानों को नुकसान नहीं होता।
रामसहाय गुर्जर, किसान
कथन
- सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर फूटी माइनर को दुरस्त करवाया जाएगा।
अंकित अस्थाना, कलेक्टरा
ग्वालियर व आगरा से करते हैं अपडाउन
सिंचाई विभाग के अधिकारी अनुबंधित वाहनों से ग्वालियर व आगरा से अपडाउन करते हैं। जबकि शासन के ऐसे निर्देश हैं कि जब नहर में पानी चलता है उस समय अधिकारी रात दिन नहर पर पेट्रोलिंग करेंगे। वहीं इन दिनों आचार संहिता लगी, जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी ऐसे निर्देश दिए थे कि जब तक आचार संहिता लगी है, अधिकारी कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। परंतु सिंचाई विभाग के अधिकारी अनुबंधित वाहन जो कि नहर पर पेट्रोलिंग के लिए हैं, उनसे ग्वालियर अपडाउन कर रहे हैं और लोगबुक नहर पर पेट्रोलिंग के नाम पर भरी जा रही है। माइनर फूटने के 24 घंटे बाद भी मौके पर अधिकारियों के नहीं पहुंचने से भी लगता है कि ये मुख्यालय पर नहीं हैं।

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