जबलपुर। बॉलीवुड में कपूर खानदार से कौन परिचित नहीं हैं। कृष्णा कपूर और राजकपूर की संतान रणधीर कपूर 15 फरवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इनका जन्म 1947 को मुंबई में हुआ था। तब जबलपुर में भी खुशियां छा गई थीं। होती भी क्यों ना आखिर कृष्णा कपूर ने अपने पिता एवं भाई-बहन के साथ काफी वक्त यहां गुजारा था। राजकपूर उन्हें ब्याहने रीवा बारात लेकर आए थे।
बताया जाता है कि 1947 में ये दौर आजादी का था, लेकिन जैसे ही रणधीर के जन्म की सूचना संस्कारधानी पहुंची, लोगों ने एक और स्टार की कल्पना तब ही कर ली थी। ठीक ऐसे ही जब अशोक फिल्म की शूटिंग के लिए रणधीर की बेटी और जानी-मानी अदाकारा करीना कपूर यहां आईं तो लोगों का हुजूम उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ा था। रणधीर कपूर के जॉली अंदाज को भी लोगों ने खासा पसंद किया है।
ऋषि, राजीव कपूर भाई के अलावा इनकी बेटियां करिश्मा, करीना, भाई का बेटा रणबीर, दामाद सैफ अली खान सभी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार हैं। वहीं पत्नी बबीता भी पूर्व अभिनेत्री रह चुकी हैं।
रणधीर ने शुरूआती दौर में बतौर बाल कलाकार श्री 420 और दो उस्ताद जैसी कुछ फिल्मों में काम किया। राजकपूर ने श्री 420 के लिए उस दौरान करीब 8 वर्षीय रणधीर से उनकी इच्छा पूछी और रणधीर ने इसके लिए हामी भर दी। इसके बाद रणधीर का फिल्मी सफर लगभग शुरू हो चुका था।
कल आज और कल भारतीय सिनेमा के इतिहास में कालजयी फिल्मों के रूप में शुमार की जाती है। इसमें तीन पीढ़ी पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर और रणधीर कपूर एक साथ नजर आयी। राज कपूर के पुत्र रणधीर पृथ्वीराज के पोते हैं।
किशोर कुमार उनके हमेशा चहेते गायक रहे है। रणधीर कपूर ज्यादातर अपने खुदके प्लैबैक के लिये किशोर दा की आवाज लेते रहे। इस जोडी के कई गाने जैसे रामपुर का का वासी हूं मैं लछमन मेरा नाम, गुम है किसी के प्यार में दिल सुबह शाम...आदि गाने लोग आज भी गुनगुनाते रहते हैं।
उन्होंने वर्ष 1968 में प्रदर्शित फि ल्म झुक गया आसमान में बतौर सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म कल आज और कल के जरिये रणधीर ने अभिनेता और स्वतंत्र निर्देशक के तौर अपना कदम रख दिया। हिना, प्रेमग्रंथ भी उनके द्वारा ही निर्देशित फिल्में हैं।