20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है…

संस्कार भारती परिवार के तत्वावधान में आम्रकुंज रामेश्वर कुंड में हुआ वसंतोत्सव समारोह

3 min read
Google source verification

खंडवा

image

Riyaz Sagar

Feb 12, 2020

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

खंडवा. समारोह में सरस्वती शिशु मंदिर खंडवा, भंडारी पब्लिक स्कूल खंडवा के विद्यार्थी वासंतिक समूह नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

समारोह में सरस्वती शिशु मंदिर खंडवा, भंडारी पब्लिक स्कूल खंडवा के विद्यार्थी वासंतिक समूह नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

माधुरी कोड़पे ने नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ऋतु वसंत आयो गीत पर सामूहिक नृत्य हुआ। जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है भजन के स्वर और नृत्य ने दर्शकों को ठहरा दिया। रात 10.15 बजे समारोह में आखिरी प्रस्तुति बज की लट्ट मार और फूलों की होली हुई।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

माधुरी कोड़पे ने नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ऋतु वसंत आयो गीत पर सामूहिक नृत्य हुआ। जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है भजन के स्वर और नृत्य ने दर्शकों को ठहरा दिया। रात 10.15 बजे समारोह में आखिरी प्रस्तुति बज की लट्ट मार और फूलों की होली हुई।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

समारोह में सरस्वती शिशु मंदिर खंडवा, भंडारी पब्लिक स्कूल खंडवा के विद्यार्थी वासंतिक समूह नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

माधुरी कोड़पे ने नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ऋतु वसंत आयो गीत पर सामूहिक नृत्य हुआ। जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है भजन के स्वर और नृत्य ने दर्शकों को ठहरा दिया। रात 10.15 बजे समारोह में आखिरी प्रस्तुति बज की लट्ट मार और फूलों की होली हुई।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

समारोह में सरस्वती शिशु मंदिर खंडवा, भंडारी पब्लिक स्कूल खंडवा के विद्यार्थी वासंतिक समूह नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

माधुरी कोड़पे ने नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ऋतु वसंत आयो गीत पर सामूहिक नृत्य हुआ। जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है भजन के स्वर और नृत्य ने दर्शकों को ठहरा दिया। रात 10.15 बजे समारोह में आखिरी प्रस्तुति बज की लट्ट मार और फूलों की होली हुई।

जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है...

माधुरी कोड़पे ने नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ऋतु वसंत आयो गीत पर सामूहिक नृत्य हुआ। जमुना के तट पर कृष्ण कन्हैया मधुर सी बंसी बजावत है भजन के स्वर और नृत्य ने दर्शकों को ठहरा दिया। रात 10.15 बजे समारोह में आखिरी प्रस्तुति बज की लट्ट मार और फूलों की होली हुई।