
मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में लड़कियों के स्कूलों और कॉलेजों में घूमते पाए गए लड़कों को काउंसलिंग के लिए अपने माता-पिता को पुलिस थाने लाना होगा। चूंकि अधिकांश स्कूल फिर से खुल गए हैं, पुलिस ने लड़कियों और महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए एक नई रणनीति के साथ एंटी-रोमियो दस्तों को पुनर्जीवित किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिषेक यादव ने निर्देश दिया है कि ऐसे कम से कम चार पुलिस दस्ते बनाए जाएं। एसएसपी ने कहा कि यह त्योहारों का मौसम है और स्कूल और कॉलेज भी फिर से खुल गए हैं। मैंने कॉलेजों के बाहर खड़े और सड़कों पर घूमने वाले युवा लड़कों को पकड़ने के लिए अलग-अलग इलाकों में गश्त करने का आदेश दिया है। इन लड़कों को हिरासत में लिया जाएगा और उनके माता-पिता को समझाने के लिए बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह विचार युवा लड़कों को शर्मिदा या अपमानित किए बिना माता-पिता का दबाव सुनिश्चित करना था। ये दस्ते विशेष रूप से शाम के समय बाजारों पर भी नजर रखेंगे।
बता दे कि 26 अगस्त को अज्ञात बाइक सवार ने युवती से दुष्कर्म किया था। यह घटना एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बाद में सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर आरोपी की पहचान कर जेल भेज दिया गया। छेड़खानी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि अधिकांश मामले दर्ज नहीं किए जाते हैं।
Published on:
13 Oct 2021, 4:39 PM IST
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