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रास्ता खोलो अभियान ने नागौर जिले के सैकड़ों किसानों को दी राहत

कहीं 30 साल से बंद रास्ते खुलवाए तो कहीं ढाणियों के रास्ते खुले
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 6 Feb 2021, 10:16 AM IST

Rasta kholo abhiyan gave relief to hundreds of farmers of Nagaur

Rasta kholo abhiyan gave relief to hundreds of farmers of Nagaur

नागौर. जिले में हर शुक्रवार को चलाया जा रहा रास्ता खोलो अभियान, जिस गांव में संचालित होता है, वहां कार्रवाई होने के बाद किसानों के चेहरों पर राहत की खुशी झलक उठती है। सूर्योदय के साथ ही तहसीलदार और उनकी राजस्व टीम पुलिस जाप्ते के साथ पहुंचती हंै और खेतों के बीच तर्कसंगत एवं नियमानुसार रास्ता खोलने की कार्रवाई शुरू हो जाती है। 5 फरवरी के दिन भी जिले में रास्ता खोलो अभियान के तहत निर्धारित कार्रवाई स्थलों पर यही हुआ और देखते ही देखते कहीं सौ से दो सौ मीटर तो कहीं पर एक किलोमीटर लंबे रास्ते भी खुलवाए गए।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के मार्गदर्शन में हर शुक्रवार को चलाए जा रहे रास्ता खोलो अभियान में खेत-ढाणी की ओर जाने वाली बंद राहें खुलने से धरतीपुत्र किसान राहत महसूस कर रहे हैं। जिले में शुक्रवार को रास्ता खोलो अभियान के तहत कई वर्षों से बंद पड़े रास्ते संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार तथा उनकी टीम ने पुलिस तथा ग्रामीणों के सहयोग से खुलवाए और किसानों को राहत प्रदान की।

एक दिन में 27 प्रकरण निस्तारित
जिला कलक्टर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे रास्ता खोलो अभियान के तहत नागौर जिले में 5 फरवरी को रास्ते संबंधी 27 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। पत्र एडीएम मनोज कुमार ने बताया कि नागौर तहसील क्षेत्र में 3, मूंडवा में 3, जायल में 5, खींवसर में 3, मेड़ता में 4, डेगाना में 2, नावां में 3 एवं मकराना क्षेत्र में रास्ते से संबंधित 4 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

बिटिया गौरव पट्टिका लगाई
अभियान के तहत बेटी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की संकल्पना को साकार करने के लिए जहां खेतों की ओर जाने वाले बंद रास्ते खुलवाए गए, वहां बिटिया गौरव पट्टिका लगाई गई। जिन पर इस साल की मेधावी बेटियों के नाम अंकित किए गए हैं। इन बिटिया गौरव पट्टिका पर हर साल गांव में अच्छा कार्य करने वाली और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी बेटियों के नाम बदलकर लिखे जाएंगे, ताकि हर बेटी गौरवान्वित महसूस कर सके और प्रेरणा लें।

कम हुई गांवों की दूरी, 1.9 किलोमीटर लंबाई के दो रास्ते खुलवाए
जिले की डेगाना तहसील के गांव गूंदीसर में तहसीलदार रामनिवास बाना और उनकी राजस्व टीम ने गुंदीसर गांव की रोही में खेतों से दो अलग-अलग रास्ते खुलवाए। सरपंच महेन्द्रसिंह और ग्रामीणों के सहयोग से तहसीलदार बाना और टीम ने खेतों में से दो नए रास्ते खुलवाए, जिनमें से एक की लंबाई 900 मीटर तथा एक की लंबाई एक किलोमीटर रही। खेतों के बीच इन दो नए रास्तों के खुलने से गूंदीसर से नूंद गांव को जोडऩे वाले दो नए रास्ते खुले और जिससे इन गांवों के बीच की दूरी कम हुई। न केवल नूंद बल्कि इन रास्तों के खुलने से गूंदीसर से आसपास के कई गांवों के बीच की दूरी कम हुई है और जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, इसे ईंधन और समय दोनों ही बचत होगी।

30 साल से बंद रास्ता खुलवाया, साठ किसान परिवार लाभान्वित
रास्ता खोलो अभियान के तहत जायल तहसील के ग्राम भिनियाद की रोही में तहसीलदार पाबूराम भरनावां और उनकी टीम ने खाटू कलां के पुलिस जाप्ते की सहायता से करीब 30 साल से बंद पड़े खेतों के रास्ते को खुलवाया। तहसीलदार पाबूराम ने बताया कि तीन दशक से बंद पड़े इस रास्ते संबंधी प्रकरण का निस्तारण होने से करीब 60 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा, उन्हें अपने-अपने खेत में जाने के लिए अब लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा।