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665 किसान जहर लेकर पहुंचे कलेक्टर कार्यालय जानिए क्यों

समर्थन मूल्य पर चना व मसूर की खरीदी करने के बाद शासन ने नहीं किया 5 करोड़ का भुगतान, किसान हो रहे परेशान, कलेक्ट्रेट मुख्यद्वार पर किया प्रदर्शन, धरने पर बैठे  

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farmers' mass suicide attempt

farmers' mass suicide attempt

नरसिंहपुर. बीते वर्ष समर्थन मूल्य पर चना व मसूर की शासन को बेचने वाले 665 किसानों का 5 करोड़ से अधिक भुगतान अबतक शासन ने नहीं किया है। किसान बार-बार अफसरों को ज्ञापन सौंपकर रकम पाने के लिए उनके चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार दोपहर भुगतान न होने से आक्रोशित किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां प्रवेशद्वार पर ही वे नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसान अपने साथ जहर (सल्फास) भी लाए थे और आत्महत्या की चेतावनी दे रहे थे। सूचना पाकर कोतवाली टीआइ अमित दाणी बल के साथ पहुंंचे और किसानों को समझाइश दी लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद एसडीएम महेश बमन्हा ने मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द भुगतान करवाने का आश्वासन दिया।
कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन में बताया गया कि रवि फसल चना-मसूर वर्ष 2018 में शासन के नियम व निर्देश के आधार पर विक्रय किया गया था। शासन ने सहकारी विपणन मार्केटिंग सोसायटी का गठन कर किसानों से चना खरीदी की थी। तौल पर्ची एवं कंप्यूटर ऑनलाइन बिल जारी किए इसमें कुछ किसानों को मात्र पर्ची प्रदान की गई एवं सोसायटी द्वारा ऑनलाइन बिल नहीं दिए थे। किसानों ने बताया कि शासन निर्देश है कि 7 दिन के भीतर पूर्ण भुगतान किया जाना है, जबकि 1 वर्ष बाद भी अबतक भुगतान नहीं किया गया है। ज्ञापन सौंपने वाले किसानों में घनश्याम साहू, राधेश्याम, धर्मराज लोधी, लक्ष्मण पटैल, हुुकुम ङ्क्षसह, शिवप्रसाद सहित अन्य शामिल रहे।


किसानों ने किये थे आवेदन
ज्ञापन में बताया गया है कि शासन द्वारा प्राथमिक जांच कराई गई थे, जिसमें किसानों का 1 करोड़ 65 लाख का भुगतान शेष होना बताया गया था, जबकि किसानों ने टीम गठन कर आवेदन इक_े किये तो उसमें यह सामने आया था कि लगभग 665 किसानों को 5 करोड़ 30 लाख रुपए का भुगतान होना शेष है। इसकी सूची भी कलेक्टर को सौंपी गई थी।

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