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मरीजों के अनुपात में डायलिसिस मशीनें कम, रोजाना वेटिंग में रहते हैं 6 से 7 पीडि़त

सुविधा नहीं मिलने के कारण अन्यत्र शहर जाने मजबूर हैं डायलिसिस पीडि़त

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मरीजों के अनुपात में डायलिसिस मशीनें कम, रोजाना वेटिंग में रहते हैं 6 से 7 पीडि़त

मरीजों के अनुपात में डायलिसिस मशीनें कम, रोजाना वेटिंग में रहते हैं 6 से 7 पीडि़त

नरसिंहपुर. जिला अस्पताल नरसिंहपुर में डायलिसिस के लिए बढ़ाई गईं तीन अतिरिक्त मशीनों के बाद भी वेंटिंग मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां डायलिसिस की सुविधा जरूर है पर मरीजों की संख्या के अनुपात में मशीनें कम पड़ रही हैं। शेष मरीजों को जबलपुर, नागपुर या अन्य स्थानों पर निजी अस्पतालों में अपना उपचार कराने जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में वर्तमान में 5 मशीनें हैं, जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए 2-3 और मशीनों की जरूरत है। फिलहाल पांच मशीनों के सहारे हर दिन 10-12 मरीजों की डायलसिस हो पा रहा है। जबकि 6-7 मरीज वेटिंग में रहते हैं।
गौरतलब है कि डायलिसिस कराने वाले मरीजों को हर तीसरे दिन बुलाया जाता है। जिसकी वजह से नए मरीजों का नंबर ही नहीं आ पाता और उन्हें प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे गरीब वर्ग के मरीजों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि माहभर पूर्व डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों की संख्या 30 थी जो अब 37-38 है। इनमें से हर माह केवल 32 मरीजों का डायलिसिस संभव हो पा रहा है। सेंटर में उपलब्ध पांच मशीनों की क्षमता में हर दिन 10 मरीजों का डायलिसिस संभव हो पाता है। एक मरीज के डायलिसिस में कम से कम 4 घंटे का समय लगता है। जबकि एक सप्ताह में एक मरीज का दो बार डायलिसिस किया जाता है। रविवार को डायलसिस सेंटर बंद रहता है। इस वजह से वेटिंग वाले मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
विभाग ने तीन और मशीनों की मांग, जिले में दस मशीनों की बन रही योजना
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल नरसिंहपुर डायलिसिस सेंटर में आने वाले मरीजों की संख्या और उसके अनुपात में कम पड़ रही मशीनों को देखते हुए तीन और नए मशीनों की मांग की गई है।
बताया जाता है कि इन तीनों से मरीजों की वेटिंग स्थिति को समाप्त कर कम समय में अधिक मरीजों का डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। हालांकि शासन आगामी दिनों प्रत्येक जिले में 10-10 मशीनों के इस्टॉलेशन की योजना बना रही है। अगर ऐसा होगा तो मरीजों को नागपुर, जबलपुर या अन्य बड़े महानगरों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वहीं जिला अस्पताल के अलावा यहां किसी भी निजी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। जिसकी वजह से यहां के मरीजों को वर्तमान में जबलपुर या नागपुर जाना पड़ता है। निजी सेंटरों पर करीब 3 से 4 हजार रुपए में एक बार डायलिसिस होती है। जबकि जिला चिकित्सालय में बीपीएल व अंत्योदय कार्ड वालों का नि:शुल्क सुविधा मिलती है।

जिले में चिकित्सकों के साथ रेडियोलॉजिस्ट की भी कमी है, शासन को पत्र भेजा गया है।
डॉ. मुकेश जैन, सिविल सर्जन जिला अस्पताल नरसिंहपुर

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