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नरसिंहपुर के तीन खिलाडिय़ों वंदना, करूणा, दीपचंद राज्य स्तरीय फुटबॉल रेफरी परीक्षा में सफल

नरसिंहपुर के तीन प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों वंदना यादव, करूणा मिश्रा एवं दीपचंद कहार ने सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।

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राज्य स्तरीय फुटबॉल रेफरी परीक्षा में नरसिंहपुर के तीन प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों वंदना यादव, करूणा मिश्रा एवं दीपचंद कहार ने सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।

वंदना यादव,

Three talented players from Narsinghpur नरसिंहपुर. जिले के खेल इतिहास में फुटबॉल खिलाडिय़ों ने एक नई उपलब्धि दर्ज की है। हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय फुटबॉल रेफरी परीक्षा में नरसिंहपुर के तीन प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों वंदना यादव, करूणा मिश्रा एवं दीपचंद कहार ने सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।


पीजी कॉलेज नरसिंहपुर के क्रीड़ा अधिकारी अर्पित सक्सेना ने बताया कि तीन युवाओं ने रेफरीशिप कोर्स स्तर-8 सफलतापूर्वक पूर्ण कर मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के राज्य स्तरीय रेफरी बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह कोर्स दिसंबर में शुजालपुर जिला शाजापुर में आयोजित किया गया था, जिसमें फीफा रेफरी कर्नल गौतम कर, राष्ट्रीय रेफरी यूबी सिंह एवं मुस्ताक कुरैशी द्वारा नियम, निर्णय प्रक्रिया तथा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कोर्स में वंदना यादव 22 वर्ष, करुणा मिश्रा 22 वर्ष एवं दीपचंद कहार 40 वर्ष ने भाग लिया और सैद्धांतिक व व्यावहारिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कीं। इसके बाद 18 से 31 दिसंबर तक काशा, बड़वानी में आयोजित अंडर-17 बालक युवा लीग में व्यावहारिक मूल्यांकन के दौरान तीनों ने साइड लाइन रेफरी, केंद्र रेफरी और चौथे अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें योग्य घोषित करते हुए मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा रेफरी पंजीकरण क्रमांक प्रदान किए गए। इस उपलब्धि पर पीजी कॉलेज नरसिंहपुर के प्राचार्य डॉ. आरबी सिंह ने खिलाडिय़ों को सराहा है, उनकी उपलब्धि को प्रेरक बताया।
लड़कियों को खेल को कॅरियर के रूप में अपनाने बढ़ेगा आत्मविश्वास
इन सफलताओं का महत्व केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले के अन्य खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। यह सफलता यह संदेश देती है कि खेल में आगे बढऩे के लिए मैदान पर खिलाड़ी बनकर उतरना ही एकमात्र रास्ता नहीं है, बल्कि रेफरी, तकनीकी अधिकारी और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी सम्मानजनक पहचान बनाई जा सकती है। विशेष रूप से लड़कियों को खेल को करियर के रूप में अपनाने का आत्मविश्वास मिलेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि नरसिंहपुर जैसे जिले से राज्य स्तर तक पहुंचना यह दर्शाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासन, नियमों की समझ और निरंतर अभ्यास के जरिए बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। यह उपलब्धि स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और खेल संगठनों को भी रेफरी प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगी।

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