
Digital Payment in India: दुनिया के किसी भी मुल्क के मुकाबले भारत में डिजिटल पेमेंट सर्वाधिक पॉपुलरिटी पा चुका है। डिजिटल तरीके से यहां सर्वाधिक लेनदेन होता है लेकिन इन सब तथ्यों को छोड़ दें तो सबसे ज्यादा नोट या नकद में लेनदेन का कल्चर (Cash Transaction in India) भी भारत में ही है। भारत में शादी में दूल्हों को नोटों की माला पहनाना, शगुन के लिफाफे देना, बारात में नोट उड़ाना अभी भी चलन में है। भारत में शादी हो, मकान की खरीद-फरोख्त हो या मंडियों में सौदेबाजी हो, सबसे ज्यादा चलन नोटों की गड्डियों के जरिए ही होती है। अब सवाल यह है कि भारतीयों को कौन सा नोट सबसे ज्यादा पसंद है? आइए इसका जवाब हम आपको बताते हैं।
500 rupees is most popular currencies in India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI annual Report) की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, देश में बड़े नोटों में सबसे ज्यादा चलन 500 रुपये के नोट की थी। वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद 1,000 रुपये के नोट का चलन बंद हो गया। उसके बाद कुछ वर्षों तक 2,000 रुपयों का नोट चलन में रहा लेकिन ये नोट बाजार से धीरे धीरे गायब होते गए। अब सबसे नोट चलन में 500 रुपयों का है। आरबीई की रिपोर्ट में बताया गया है कि 500 रुपये मूल्य के नोट की हिस्सेदारी 2024 मार्च तक बढ़कर 86.5% हो गई। मार्च 2023 में यह 77.1% थी।
Reserve Bank of India annual Report: आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2024 तक बाजार में सबसे ज्यादा नोटों की संख्या 500 रुपये की है। इन नोटों की संख्या 5.16 लाख के करीब है। इसके बाद छोटे नोटों की चलन पर गौर करें तो सबसे ज्यादा पॉपुलर 10 रुपये के नोट हैं। इसी अवधि में बाजार में 10 रुपये के 2.49 लाख नोट चलन में थे। वित्त वर्ष 2023-24 में चलन में मौजूद बैंक नोटों के मूल्य और मात्रा में क्रमशः 3.9% और 7.8% की बढ़ोतरी हुई जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह बढ़ोतरी क्रमशः 7.8% और 4.4% रही थी। कीमत के लिहाज से चलन में मौजूद बैंक नोटों की संख्या में बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2024 में पिछले कुछ वर्षों में सबसे कम रही।
Indian Currencies publishing cost: बहुत सारे लोगों को यह लगता है कि सरकार के पास नोट छापने की मशीनें हैं और वह कभी भी थोक के भाव में नोट छाप सकती है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ऐसा सोचना छोड़ दीजिए। इन नोटों की छपाई पर काफी खर्च आता है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में नोटों की छपाई पर 5,101 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पिछले साल इस समान अवधि में नोटों की छपाई पर 4,682 करोड़ रुपये का खर्च आया था।
Updated on:
31 May 2024 02:58 pm
Published on:
31 May 2024 12:29 pm

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