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कोरोन के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और सफलता, नेजल वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल को मिली मंजूरी

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ( DCGI ) की एक्सपर्ट कमिटी ने भारत बायोटेक को अपने इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे फेज की ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है।
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Paritosh Shahi

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Updated: 5 Jan 2022, 1:02 PM IST

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ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ( DCGI ) की एक्सपर्ट समिति ने भारत बायोटेक को अपने नेजल वैक्सीन ( नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन ) को बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी देने पर विचार किया है| मंगलवार को हुई बैठक के बाद एक्सपर्ट कमिटी ने वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है, कि ट्रायल के बाद नेजल वैक्सीन को कोरोनावायरस के तौर पर इमरजेंसी उपयोग की अनुमति मिल सकती है। भारत बायोटेक का कहना है कि दोनों डोज लगवा चुके लोगों को अगर बूस्टर डोज दिया जाता है तो उस स्थिति में नेजल वैक्सीन अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। सम्बंधित कंपनी ने इसके लिए सरकार से मंजूरी मांगी है।

नेजल वैक्सीन का क्या है फायदा
इस वैक्सीन की मुख्य बात यह है कि इस नाक के जरिए शरीर में पहुंचाया जाएगा। दूसरी खुराक और बूस्टर डोज के बीच का अंतराल 6 महीने तक हो सकता है। जानकारी के अनुसार भारत बायोटेक द्वारा सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह डोज उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो कोविशील्ड और कोवैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके हैं। इससे पहले इस वैक्सीन के निर्माता ने उन लोगों के लिए बूस्टर खुराक का प्रस्ताव दिया है, जिन्हें पहले से ही कोविशील्ड औए कोवैक्सीन का टीका लगाया गया हो।


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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले महीने कहा था - भारत को बधाई हमको कोविड के खिलाफ जंग में सफलता पूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। भारत सरकार ने दो वैक्सीन और एक टेबलेट को मंजूरी दे दी है, ये हैं- कोवोवैक्स, कोर्वीवैक्स और एक पिल जिसका नाम मोल्नुपिराविर है|