scriptExercise Not Enough to Prevent Heart Attack Due to Sweet Drinks | हार्ट अटैक से बचना है तो Sweet drinks से तौबा करें, सिर्फ व्यायाम से काम नहीं चलेगा | Patrika News

हार्ट अटैक से बचना है तो Sweet drinks से तौबा करें, सिर्फ व्यायाम से काम नहीं चलेगा

locationजयपुरPublished: Feb 12, 2024 11:50:18 am

Submitted by:

Manoj Kumar

क्या आप मीठे पेय पदार्थों का खूब सेवन करते हैं? क्या आपको लगता है कि व्यायाम करके आप इन पेय पदार्थों के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं? यह सोच गलत है!

चीनी युक्त पेय पदार्थों से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। व्यायाम हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह इन पेय पदार्थों से होने वाले नुकसान को पूरी तरह से नहीं रोक सकता है।

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मीठे पेय से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा : Heart Attack is a Major Cause of Death in the World, Exercise Not Enough to Prevent Heart Attack Due to Sweet Drinks
वॉशिंगटन. आप चीनी से बने मीठे पेय का खूब इस्तेमाल करते हैं और सोचते हैं कि व्यायाम से इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। यह सोच गलत है। चीनी युक्त पेय पदार्थों से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता जाता है। इसे व्यायाम से कम नहीं किया जा सकता।

मीठे पेय पदार्थ दिल से संबंधित बीमारियों के लिए है खतरनाक

sweet-drinks.jpgयह खुलासा हार्वर्ड में किए गए अध्ययन में किया गया। द अमरीकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार भले आप शारीरिक रूप से सक्रिय हों, फिर भी मीठे पेय पदार्थ से होने वाली दिल से संबंधित बीमारियों के जोखिम से बच नहीं सकते। अब तक माना जाता था कि मीठे पेय का सेवन हानिकारक नहीं है, बशर्ते लोग सक्रिय रहें। मीठे पेय के उपयोग से मोटापा, उच्च रक्तचाप, रक्त वाहिकाओं को नुकसान, डायबिटीज, सूजन, ट्राइग्लिसराइड के स्तर में वृद्धि और हृदय रोग की आशंका रहती है। दुनिया में हार्ट अटैक मौतों का बड़ा कारण है।

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एक लाख लोगों के जुटाए आंकड़े

अमरीका के हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने 30 साल से अधिक उम्र के करीब एक लाख वयस्कों के आंकड़े एकत्रित किए। पाया गया कि सप्ताह में 150 मिनट का व्यायाम मीठे पेयों के कारण होने वाले हृदय रोग से बचाव के लिए काफी नहीं है। आंकड़ों से पता चला कि सप्ताह में दो बार से अधिक पेय पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा अधिक था। इन पर व्यायाम का कोई असर नहीं था। शोध की प्रमुख लेखिका लोरेना पचेको का कहना है कि हृदय की सुरक्षा के लिए जीवनशैली में बदलाव और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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