कर्नाटक में सियासी अटकलों के बीच कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने राज्य नेतृत्व में बदलाव की खबरों को पूरी तरह खारिज किया। उनके इस बयान से सियासी हलचलें तेज हुईं, लेकिन उन्होंने साफ किया कि फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
कर्नाटक में सियासी अटकलों के बीच कांग्रेस के एक और बड़े नेता का ताजा बयान सामने आया है। जिससे सियासी जगत में हलचल तेज हो गई है। कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने शनिवार को राज्य के नेतृत्व में बदलाव की अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इसके साथ, उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर इस मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई है और केवल कांग्रेस आलाकमान ही ऐसा निर्णय ले सकते हैं।
इतना ही नहीं, खड़गे ने अटकलों के आधार पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस मुद्दे पर मीडिया रिपोर्टों का कोई महत्व नहीं है। प्रियांक ने कहा कि किसने कहा कि नेतृत्व बदलने वाला है? रणदीप सिंह सुरजेवाला 3-4 दिनों से राज्य में थे, हमारे विधायकों, मंत्रियों और सरकार के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि जब नेतृत्व में बदलाव की कोई बात ही नहीं होती, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई मीडिया से क्या कहता है। पार्टी हाईकमान ऐसी बातें तय करता है, यही सीएम और डीसीएम ने कहा है। कोई अटकलें नहीं होनी चाहिए
बता दें कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी एक दिन पहले सीएम पद को लेकर बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि इस मामले में कांग्रेस आलाकमान से कोई चर्चा नहीं हुई है।
सिद्धारमैया ने कहा कि मैं आपको कितनी बार कहूं कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलों पर कोई चर्चा नहीं हुई? इस मुद्दे पर आलाकमान से कोई बात नहीं हुई है।
सिद्धारमैया ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की थी, जिससे कर्नाटक में संभावित मुख्यमंत्री परिवर्तन की अटकलों को और बल मिला।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही विचार किया जा चुका है और अब वही जवाब दोहराने की कोई जरूरत नहीं है।
वहीं, जब शिवकुमार से कुछ विधायकों द्वारा सिद्धारमैया की जगह उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ चाहने वाले लोग इस तरह के बयान दे सकते हैं, आप भी ऐसा कर सकते हैं, लेकिन अभी इस पर टिप्पणी करना बेकार है।