scriptMeteorological Department Weather Forecast El Nino will Remain Weak Heavy Rain In Monsoon | अब की बार मानसून में होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने कहा अल नीनो रहेगा मंद | Patrika News

अब की बार मानसून में होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने कहा अल नीनो रहेगा मंद

locationनई दिल्लीPublished: Feb 12, 2024 07:12:20 am

Submitted by:

Anand Mani Tripathi

दक्षिण-पश्चिम मानसून (South Western Monsoon) को लेकर अच्छी खबर आई है। मौसम (Weather) को प्रभावित करने वाला अल नीनो (Al-Nino) अब कमजोर हो रहा है। इसके कारण देश में मानसून (Monsoon) की अच्छी बारिश (Heavy Rain) होने की संभावना है।

El Nino conditions weakening, raise hopes of 'bountiful monsoon' in India
Weather forecast : देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South Western Monsoon) को लेकर अच्छी खबर है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दुनिया भर के मौसम (Weather) को प्रभावित करने वाला अल नीनो (Al-Nino) अब कमजोर हो रहा है। यह इस साल जून तक समाप्त हो सकता है। इसके कारण देश में मानसून (Monsoon) की अच्छी बारिश (Heavy Rain) होने की संभावना बढ़ गई है।
पिछले सप्ताह ही दो वैश्विक जलवायु एजेंसियों ने भी अल नीनो के कमजोर होने की भविष्यवाणी की थी। उनका कहना था कि जून-अगस्त तक ला नीना की स्थिति के आसार बन रहे हैं। भारतीय मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि ला नीना की स्थिति बनने का अर्थ यह है कि इस बार मानसून की बारिश पिछले साल से बेहतर हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ.मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि देश में आगामी मानसून के बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। हम अप्रेल में प्रारंभिक अनुमान जारी करेंगे।

पिछले मानसून में नहीं दिखा पाया ज्यादा असर
पिछले साल मानसून सीजन में अल नीनो की छाया बनी हुई थी, लेकिन स्थानीयपरििस्थतियों के कारण यह औसत बारिश पर ज्यादा असर नहीं दिखा पाया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2023 का मानसून सीजन 94.4 प्रतिशत बारिश के साथ समाप्त हुआ था। देश में 94 प्रतिशत से 106 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है।
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मानसून तक न्यूट्रल हो जाएगा अल नीनो


मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ.मृत्युंजय महापात्रा ने पत्रिका को बताया कि अल नीनो का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। देश में मानसून आते-आते यह न्यूट्रल हो जाएगा। अल नीनो के प्रभाव से सामान्यत: मानसून पर खराब असर रहता है जो हम पहले देख चुके हैं। अलनीनो न्यूट्रल होना मानसून के लिए सकारात्मक संकेत है लेकिन यह मानसून के अच्छे-सामान्य या खराब होने का अकेला फैक्टर नहीं है। यह कुछ अन्य परििस्थतियों पर भी निर्भर करता है। अलनीनो न्यूट्रल होने के बाद ला नीना शुरू होता है, जो मानसून के लिए अच्छा होता है।

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ला-नीना बनने की संभावना 55 फीसदी

 

अमरीका के राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने पिछले सप्ताह कहा था कि इस बारे में 79 प्रतिशत संभावना है कि अल नीनो अप्रेल-जून तक ‘ईएनएसओ-न्यूट्रल’ में परिवर्तित हो जाएगा और जून-अगस्त में ला नीना विकसित होने की 55 प्रतिशत संभावना है। यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने पुष्टि की है कि अल नीनो कमजोर पड़ने लगा है। मजबूत अल नीनो परिघटना के बाद ला नीना की प्रवृत्ति रही है। ला नीना विकसित होने से यह साल पिछले वर्ष जितना गर्म भी नहीं रहेगा। अल नीनो के सक्रिय होने से वैश्विक स्तर पर 2023 को सबसे गर्म वर्ष रहा

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