Operation Kaveri सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय का ऑपरेशन कावेरी पूरे जोर शोर के साथ काम कर रहा है। गुरुवार को आईएनएस तेग सूडान में फंसे 297 भारतीयों का पांचवां जत्था लेकर पोर्ट सूडान से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए रवाना हुआ।
संकटग्रस्त देश सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने 'ऑपरेशन कावेरी' को शुरू कर रखा है। गुरुवार को आईएनएस तेग सूडान में फंसे 297 भारतीयों का पांचवां जत्था लेकर पोर्ट सूडान से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए रवाना हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर बताया कि, आईएनएस तेग 297 यात्रियों के साथ पोर्ट सूडान से रवाना हुआ। जेद्दा जाने के लिए फंसे भारतीयों का यह पांचवां जत्था है। 26 अप्रैल बुधवार देर रात विदेश मंत्रालय ने बताया कि, 136 फंसे हुए भारतीयों का चौथा जत्था IAF C-130J विमान जेद्दा के लिए रवाना हुआ था। केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि, जेद्दा पहुंचे सभी भारतीयों को जल्द से जल्द भारत भेजने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेश राज्य मंत्री ने यात्रियों को किया स्वागत
इस बीच, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बुधवार को जेद्दाह हवाईअड्डे पर पहुंचे भारतीयों का स्वागत किया। इससे पहले नौसैनिक पोत आईएनएस सुमेधा 278 यात्रियों को लेकर जेद्दा बंदरगाह पहुंचा था। केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन सूडान में मारे गए एक भारतीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन के परिवार का स्वागत जेद्दा में किया। परिवार के कोच्चि पहुंचने के लिए तुरंत टिकट का इंतजाम किया और परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
भारतीय नागरिकों को लेकर पहली फ्लाइट स्वदेश पहुंची
ऑपरेशन कावेरी के तहत पहली फ्लाइट 360 भारतीय नागरिकों को लेकर स्वदेश पहुंची। इन नागरिकों को मंगलवार को 'आईएनएस सुमेधा' से पोर्ट सूडान और फिर वहां से सऊदी अरब के जेद्दा लाया गया था। इसके बाद जेद्दा से नई दिल्ली लाया गया है। ऑपरेशन कावेरी के तहत बुधवार को वायुसेना के दो विमान 250 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित लेकर जेद्दा पहुंच गया है।
सबसे पहले पांच भारतीयों को बाहर निकाला गया
इससे पूर्व सऊदी अरब ने सूडान से तीन और फ्रांस ने पांच भारतीयों को बाहर निकाला था। पर अब भारत ने पोर्ट सूडान पर अपने विमान और पोत तैनात कर दिए हैं। पोर्ट सूडान दरअसल राजधानी खार्तूम से लगभग 850 किमी. की दूरी पर है।
ऑपरेशन कावेरी क्या है जानें?
संकटग्रस्त देश सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने 'ऑपरेशन कावेरी' लॉन्च किया है। कावेरी नदी, कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच बहती है। बताया जा रहा है कि, सूडान में फंसे अधिकतर लोग दक्षिण भारत से ही हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी ऑपरेशन रेस्क्यू का नाम किसी नदी पर रखा गया है। पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर भारत ने ऑपरेशन गंगा शुरू किया था।