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बिहार: कोरोना से जान गंवाने वाले निजी डॉक्टरों के परिवारों को सरकार देगी 50 लाख

अब बिहार सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले निजी डॉक्टरों के परिजनों को 50 लाख देने का ऐलान किया है। बिहार मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले को आईएमए बिहार की बड़ी जीत माना जा रहा है।
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Nitin Singh

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Updated: 17 Nov 2021, 10:08 PM IST

private doctors died corona in bihar, families will also get 50 lakh

private doctors died corona in bihar, families will also get 50 lakh

नई दिल्ली। भारत करीब डेढ साल से कोरोना महामारी के कहर से जूझ रहा है। इस महामारी के चलते देश में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने कोरोना के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों का इलाज किया। इसके चलते इन्हें कोरोना वॉरियर्स नाम भी दिया गया था। वहीं अब बिहार सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले निजी डॉक्टरों के परिजनों को 50 लाख देने का ऐलान किया है।

निजी डॉक्टरों के परिवारों को 50 लाख
दरअसल, बिहार में सरकारी डॉक्टरों की तरह अब निजी डॉक्टरों के परिजनों को भी कोरोना से मौत पर 50 लाख रुपए की बीमा राशि दी जाएगी। यह धनराशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत दी जाएगी। बिहार मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले को आईएमए बिहार की बड़ी जीत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से मिलेगी मदद
बिहार मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने आदेश पारित किया है। आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 में लगे कोरोना से मरने वाले निजी चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी 50 लाख की बीमा राशि दी जाएगी। आदेश में यह भी बताया गया कि इस राशि का भुगतान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अंतर्गत बीमा कम्पनी द्वारा किया जाएगा।

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बता दें कि आईएमए बिहार सरकारी डॉक्टरों की तरह प्राइवेट डॉक्टरों को भी 50 लाख दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहा था। आईएमए का कहना है कि बिहार में कोरोना महामारी के दौरान लोगों का इलाज करते हुए संक्रमित होने से करीब 80 निजी डॉक्टरों की मौत हुई है। वहीं इस फैसले के बाद आईएमए काफी खुश है। उनका कहना है कि बिहार मानवाधिकार आयोग ने कोविड से हुई डॉक्टरों की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है।