पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद और उनके परिवार पर जमकर निशाना साधा। चौधरी ने लालू को विलेन बताते हुए गब्बर सिंह घोषित किया।
कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और नेता अभी से एक दूसरे पर वार और पलटवार करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नए बयान में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को विलेन बताते हुए गब्बर सिंह घोषित कर दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि चौधरी ने लालू - राबड़ी शासन को डर और भ्रष्टाचार का प्रतीक बताते हुए तेजस्वी यादव को बहस की चुनौती भी दी है।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए चौधरी ने कहा कि, लालू बिहार के एकलौते गब्बर सिंह हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए लोगों के दिलों में डर पैदा कर दिया। उनका शासनकाल दहशत से भरा था और जब तक वह राजनीति में रहेंगे तबतक लोगों में उनके लौटने का डर बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा, 1990 से 2005 तक सबसे ज्यादा लोगों ने बिहार से पलायन किया। उससे पहले या बाद में इतना पलायन नहीं हुआ था।
चौधरी ने कहा, लालू - राबड़ी के राज में बिहार में सिर्फ 12 लाख लोगों को पेंशन मिलती थी लेकिन आज यह आंकड़ा एक करोड़ के पार है। उन्होंने कहा कि, लालू ने लोगों के दिलों में दहशत पैदा की और वह समय ऐसा था जब लोग शाम होने के बाद घर से निकलने से डरते थे। साथ ही चौधरी ने तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के कार्यकाल में हुए विकास के कार्यों पर बहस करने की चुनौती भी दे दी। उन्होंने कहा तेजस्वी यादव या परिवार का कोई भी सदस्य लालू - राबड़ी राज के 15 साल और नीतीश कुमार के 20 साल के शासन में हुए कार्यों के आंकड़ों पर बहस कर सकता है।
सिर्फ लालू ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा, लालू परिवार में माता, पिता, बेटा, बेटी सब भ्रष्टाचारी है। पूरा देश यह बात जानता है कि यह परिवार विकास के नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के रेकॉर्ड बना सकता है। उन्होंने आगे कहा, इन लोगों को विकास से कोई मतलब नहीं है और यह लोग आर्थिक अपराधी हैं।
पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर लालू की टिप्पणी के मामले में चौधरी ने कहा कि, वह एनडीए के आगे बढ़ने और उनके गठबंधन के पीछे होने से टेंशन में है। उन्होंने यह भी कहा कि, मोदी जी के सहयोग और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार लगातार तरक्की कर रहा है। जो लोग बिहार के विकास को कोसते हैं, उन्हें पटना एयरपोर्ट और मरिन ड्राइव दिखाइए। इससे उन्हें कथनी और करनी का फर्क समझ आ जाएगा।