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अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों का पुलिस तैयार कर रही खाका

विधानसभा के मानसून सत्र में सीतापुर विधायक अमरजीत भगत द्वारा पूछे गए प्लेसमेंट एजेंसियों और उनके खिलाफ की गई कारर्वाई के संबंध में पुलिस ने जानकारी निरंक भेजी थी
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Kajal Kiran Kashyap

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Updated: 1 Aug 2017, 12:59 AM IST

crime

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बिलासपुर. शहर में चल रही प्लेसमेंट एजेंसियों पर अब पुलिस कार्रवाई करेगी। कंपनी चलाने के नियमों और लाइसेंस के संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। एजेंसियों में जांच के बाद अवैध रूप से चल रही कंपनियों के खिलाफ चारसौबीसी के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

पत्रिका ने 31 जुलाई को शहर में चल रही प्लेसमेंट एजेंसियों के संबंध में खबर प्रकाशित की थी, जिसमें बेरोजगारों को मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम जमा करने का खुलासा किया गया है। विधानसभा के मानसून में सीतापुर विधायक अमरजीत भगत द्वारा पूछे गए प्लेसमेंट एजेंसियों और उनके खिलाफ की गई कारर्वाई के संबंध में पुलिस ने जानकारी निरंक भेजी थी। पत्रिका ने खुलासे में बताया था कि नवंबर 2016 में ताराहर पुलिस द्वारा प्लेसमेंट एजेंसी नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड सर्विस के संचालक समीर बडज़ात्या और दंपती अनिल लहरे व उसकी पत्नी मेनका लहरे को गिरफ्तार किया गया था।

शासन से मान्यता की दी जानकारी
लिंक रोड कांशी चेंबर में संचालित जीवन प्लस के संचालक अजय साहू ने बताया कि उनका संस्थान प्लेसमेंट एजेंसी नही है। सरकार से उन लोगों को दोना पत्तल और अन्य लघु उद्योगो से संबंधित सामान बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। शासन के नियमानुसार ही बेरोजगारों को रॉ मटैरियल उपलब्ध कराया जाता है और सामान बनाकर बेचने पर कमीशन भी दिया जाता है। उनका कार्य लघु उद्योग से जुड़ा है, प्लेसमेंट से नहीं।
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