गौरतलब है कि मोदी मंत्रिमंडल ने 17 जुलाई को इस विधेयक को मंजूरी दी थी। इस बिल का मुख्य उद्देश्य भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 की जगह लेना है। साथ ही चिकित्सकीय शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार करना है। यह विधेयक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के स्थान पर एक चिकित्सा आयोग स्थापित करेगा।