इंसानों तक पहुंचा Bird Flu का घातक वायरस, H5N8 से 7 लोग संक्रमित

आपने सुना होगा कि अब बर्ड फ्लू (Bird flu) केवल पक्षियों या जानवरों को ही होता है।
अब बर्ड फ्लू के वायरस इंसानों में भी पाए गए है।
रूस में बर्ड फ्लू के घातक वायरस का इंसानों तक पहुंचने का मामला सामने आया है।

 

By: Shaitan Prajapat

Published: 22 Feb 2021, 12:26 PM IST

नई दिल्ली। आपने सुना होगा कि अब बर्ड फ्लू (Bird flu) केवल पक्षियों या जानवरों को ही होता है। लेकिन अब बर्ड फ्लू के वायरस इंसानों में भी पाए गए है। आपको यह जानकर हैरान होगी कि रूस (Russia) में बर्ड फ्लू के घातक वायरस का इंसानों तक पहुंचने का पहला मामला सामने आया है। रूस के वेक्टर रिसर्च सेंटर ने पुष्टि की है कि उनके देश में 7 लोगों के अंदर एच5एन8 वायरस पाया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग एक ही पोल्ट्री फॉर्म में काम करते थे। इंसान में बर्ड फ्लू के वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। इसकी जानकारी रूस की तरफ से विस्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को भी दे दी गई है।

संपर्क में आने वाले को कर रहे है ट्रेस
वेक्टर रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक अन्ना पॉपोवा ने रूसी मीडिया को बताया है कि रूस में एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस के H5N8 स्ट्रेन से मानव संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है। वैज्ञानिकों ने रूस के दक्षिण में एक पोल्ट्री फार्म के 7 कर्मचारियों को संक्रमित होने के बाद आइसोलेट कर दिया है। जिसके बाद से रूस की स्वास्थ्य एजेंसियां इन सभी संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस कर रही है।

 

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सातों को किया आइसोलेशन
अन्ना पॉपोवा ने बताया कि सभी सातों लोग ठीक महसूस कर रहे हैं। उनके अंदर संक्रमण के बहुत हल्के लक्षण ही नजर आ रहे हैं। इसके बाद भी उनको एहतियातन उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। इस इलाके में दिसंबर 2020 में बर्ड फ्लू का कहर देखा गया था। वैज्ञानिक इन लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, रूस के किसी अन्य इलाके से ऐसी संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं है।

1997 में आया हॉन्ग कॉन्ग में मिला था पहला वायरस
आपको बता दें कि बर्ड फ्लू फैलाने के लिए कई वायरस जिम्मेदार होते हैं। लेकिन इसमें H5N1 को खतरनाक माना जाता है क्योंकि यही वायरस इंसानों में बर्ड फ्लू के संवाहक के तौर पर काम करता है। उन्हें इसका शिकार बनाता है। मानवों में बर्ड फ्लू के संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में आया था जब हॉन्ग-कान्ग में मुर्गियों से एक शख्स में यह वायरस फैला था।

Shaitan Prajapat
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