
Image Source (Pic: BMHRC)
भोपाल. बीएमएचआरसी में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट्स लगाए जा रहे हैं, जो संस्थान की कुल बिजली आवश्यकताओं का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा करने में सक्षम होंगे। यह परियोजना भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निर्देशों के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें परिषद के सभी संस्थानों को नवीकरणीय ऊर्जा की ओर उन्मुख किया जा रहा है।
10 हजार यूनिट है रोजाना खपत
बीएमएचआरसी में यह सोलर प्लांट्स एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) द्वारा स्थापित किए जा रहे हैं। यह सोलर पैनल बीएमएचआरसी के मुख्य भवन, ऑडिटोरियम, डॉक्टर्स हॉस्टल, नर्सिंग हॉस्टल और अन्य संरचनाओं की छतों पर लगाए जा रहे हैं। जोकि लगभग 4500 वर्ग मीटर में तैयार की जा रही है। इससे प्रतिदिन लगभग 2200 यूनिट बिजली उत्पन्न होगी, जबकि अस्पताल की दैनिक बिजली खपत करीब 10,000 यूनिट है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बीएमएचआरसी की पहल
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक, डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा, "यह पहल अस्पताल के पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को दर्शाती है। हम न केवल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से भावी पीढ़ियों के लिए टिकाऊ विकास की राह भी तैयार कर रहे हैं।"
परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है और उम्मीद है कि इस माह के अंत तक यह रूफटॉप सोलर सिस्टम पूर्णतः क्रियाशील हो जाएगा। यह परियोजना जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ संस्थान की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को भी स्थायी रूप से पूरा करेगी।
Updated on:
5 Jun 2025, 7:30 PM IST
Published on:
5 Jun 2025, 7:30 PM IST
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