3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समाचार

कोरोना में पत्नी को खोया, उसकी स्मृति में बना दिया तीन करोड़ का अस्पताल

मुम्बई के सर्राफा व्यवसायी एवं मूलत: बरडोद निवासी भामाशाह शांतिलाल जैन ने प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने धर्म पत्नी रतनदेवी की स्मृति में बरडोद गांव में करीब तीन करोड़ की लागत से निर्मित भव्य पंचरत्न होस्पीटल भवन जनता को समर्पित किया है। चार बीघा जमीन पर राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरडोद संचालित होगा। भीलवाड़ा। मुम्बई के सर्राफा व्यवसायी एवं मूलत: बरडोद निवासी भामाशाह शांतिलाल जैन ने प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने धर्म पत्नी रतनदेवी की स्मृति में बरडोद गांव में करीब तीन करोड़ की लागत से निर्मित भव्य पंचरत्न होस्पीटल भवन जनता को समर्पित किया है। चार बीघा जमीन पर राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरडोद संचालित होगा। होस्पीटल से आसपास के 20 से अधिक गांव के लोगों को यहां अब बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। चिकित्सालय रतनदेवी चैरिटेबल ट्रस्ट मुबई की देखरेख में संचालित होगा। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नए भवन में भव्य शुभारंभ भामशाह शांतिलाल जैन, उनके पुत्र वीरेन्द्र जैन एवं पुत्री विदया देवी, विजयलक्ष्मी, नीमा व रेश्मा आदि ने किया। जैन की बेटियों ने मिलकर सामूहिक रूप से अस्पताल में एक एंबुलेंस भी भेंट की है। बरडोद में आयोजित लोकार्पण समारोह में भामाशाह शांतिलाल जैन ने कहा कि कोरोना संकट काल के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में पत्नी का असामयिक निधन हो गया। इससे मन काफी व्यथित हुआ। अपने पैतृक गांव सुवाणा पंचायत समिति के बरडोद में चिकित्सा सेवा को और प्रभावी बनाने की ठानी, आज यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां 24 घंटे इलाज मिल सके, ऐसे भी प्रयास होंगे। सीएमएचओ डॉ. सीपी गोस्वामी ने कहा कि भामाशाह शांतिलाल जैन द्वारा संचालित पंचरत्न हॉस्पिटल को राज्य सरकार ने स्वीकृत किया है। इस अस्पताल से आसपास के 20 गांव चिकित्सा का लाभ मिलेगा। जल्द ही और भी सुविधा अस्पताल में उपलब्ध होगी। इस दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल ने भामाशाह जैन के जनहित में किए प्रयास की सराहना की। सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, पूर्व विधायक गायत्री देवी त्रिवेदी व डॉ. बालूराम जाट, पूर्व डेयरी चेयरमेन रतन लाल चौधरी, बरडोद सरपंच लीला वैष्णव, पंडित ओमप्रकाश सांईराम व तहसीलदार भंवरलाल सेन, उप प्रधान श्यामलाल गुर्जर, सरपंच बद्रीलाल जाट,रावत युग प्रदीप सिंह राणावत, हर्ष प्रदीप सिंह, मेघ सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष रेखा परिहार आदि मौजूद रहे। नाम रखने के पीछे कारण: चार बेटियां और एक बेटा। स्थानीय पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि सुरेश वैष्णव ने भी हॉस्पिटल निर्माण में सहयोग दिया।

Google source verification

भीलवाड़ा। मुम्बई के सर्राफा व्यवसायी एवं मूलत: बरडोद निवासी भामाशाह शांतिलाल जैन ने प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने धर्म पत्नी रतनदेवी की स्मृति में बरडोद गांव में करीब तीन करोड़ की लागत से निर्मित भव्य पंचरत्नहोस्पीटल भवन जनता को समर्पित किया है। चार बीघा जमीन पर राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रबरडोद संचालित होगा।

होस्पीटल से आसपास के 20 से अधिक गांव के लोगों को यहां अब बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। चिकित्सालय रतनदेवी चैरिटेबल ट्रस्ट मुबई की देखरेख में संचालित होगा। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नए भवन में भव्य शुभारंभ भामशाह शांतिलाल जैन, उनके पुत्र वीरेन्द्र जैन एवं पुत्री विदया देवी, विजयलक्ष्मी, नीमा व रेश्मा आदि ने किया। जैन की बेटियों ने मिलकर सामूहिक रूप से अस्पताल में एक एंबुलेंस भी भेंट की है।

बरडोद में आयोजित लोकार्पण समारोह में भामाशाह शांतिलाल जैन ने कहा कि कोरोना संकट काल के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में पत्नी का असामयिक निधन हो गया। इससे मन काफी व्यथित हुआ। अपने पैतृक गांव सुवाणा पंचायत समिति के बरडोद में चिकित्सा सेवा को और प्रभावी बनाने की ठानी, आज यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां 24 घंटे इलाज मिल सके, ऐसे भी प्रयास होंगे।

सीएमएचओ डॉ. सीपी गोस्वामी ने कहा कि भामाशाह शांतिलाल जैन द्वारा संचालित पंचरत्न हॉस्पिटल को राज्य सरकार ने स्वीकृत किया है। इस अस्पताल से आसपास के 20 गांव चिकित्सा का लाभ मिलेगा। जल्द ही और भी सुविधा अस्पताल में उपलब्ध होगी।

इस दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल ने भामाशाह जैन के जनहित में किए प्रयास की सराहना की। सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, पूर्व विधायक गायत्री देवी त्रिवेदी व डॉ. बालूराम जाट, पूर्व डेयरी चेयरमेन रतन लाल चौधरी, बरडोद सरपंच लीला वैष्णव, पंडित ओमप्रकाश सांईराम व तहसीलदार भंवरलाल सेन, उप प्रधान श्यामलाल गुर्जर, सरपंच बद्रीलाल जाट,रावत युग प्रदीप सिंह राणावत, हर्ष प्रदीप सिंह, मेघ सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष रेखा परिहार आदि मौजूद रहे।

नाम रखने के पीछे कारण: चार बेटियां और एक बेटा। स्थानीय पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि सुरेश वैष्णव ने भी हॉस्पिटल निर्माण में सहयोग दिया।