युवक ने मात्र 1 रुपये में बुक कराया था घर, अब बन गया 'Ghost Buyer'

अब ‘घोस्ट बायर्स’ की लिस्ट सामने आने के बाद सबके मन में एक ही सवाल है कि ये क्या है।

By: Rahul Chauhan

Updated: 25 Sep 2018, 05:26 PM IST

नोएडा। सपनों का आशियाना नहीं मिलने से जिले में लाखों बायर्स अभी भी इंतजार में हैं। जहां कुछ बायर्स ने अपने घर के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो वहीं कुछ आए दिन सड़कों पर उतरकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। हालांकि बायर्स का कहना है कि कोर्ट में उन्हें सिर्फ 'तारीख पे तारीख' मिल रही है तो सरकार जुमलेबाजी कर रही है।

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इस बीच अब ‘घोस्ट बायर्स’ की लिस्ट सामने आने के बाद सबके मन में एक ही सवाल है कि ये क्या है। सवाल वाजिब भी है क्योंकि लोगों ने बायर्स शब्द तो खूब सुना है लेकिन घोस्ट बायर्स कुछ नया सुनाई पड़ता है। अब जरा आप सोचिए कि एक युवक ने महज 1 रुपये में अपना आशियाना बुक कराया था और अब वह घोस्ट बायर्स की सूची में शामिल हो गया है।

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दरअसल, गौतमबुद्घ नगर जिले में जेपी, आम्रपाली, सुपरटेक समेत तमाम बिल्डरों के दर्जनों प्रोजेक्ट कई साल से अटके पड़े हैं। वहीं इस बीच अब ये सामने आया है कि जेपी इन्फ्राटेक द्वारा नोएडा में बनाए गए प्रोजेक्टों के कुल 24,300 बायर्स में से कई ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक भी अपना क्लेम फाइल नहीं किया है। जिसके चलते अब 'घोस्ट बायर्स' इस प्रोजेक्ट को परेशान कर रहे हैं।

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इस बाबत कंपनी ने मामलों के मंत्रालय को एक जॉइंट पिटिशन सौंपी है। इसमें आधार कार्ड तथा पैन कार्ड जैसे ऑप्शन रखे गए हैं ताकि प्रॉजेक्ट के असली लाभार्थी को ट्रैक किया जा सके। इससे घोस्ट बायर्स का भी पता लगाया जा सकेगा। पिटिशन में कहा गया है कि कई बायर्स ऐसे हैं जिन्होंने 10 हजार रुपये से भी कम में फ्लैट की बुकिंग की है। इसके साथ ही एक शख्स ऐसा भी है जिसने नोएडा एक्सप्रेसवे के पास सिर्फ 1 रुपये में ही बुकिंग की है और आज तक अपना क्लेम भी नहीं किया।

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वहीं 73 लोगों ने 75,000 रुपये दिए हैं और 400 लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने 5 लाख रुपये बुकिंग के तौर पर दिए हैं। हालांकि सरकार द्वारा इस प्रस्ताव पर अभी तक किसी तरह का फैसला नहीं लिया गया है। इसमें यह भी कहा जा रहा है कि कई बायर्स एनआरआई भी हैं, जिनके शायद आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हो सके।

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