
नोएडा। बसपा के पूर्व कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ गुुरुवार को कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इससे राजनीति के गलियारों में हलचल मच गई। बसपा से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का गठन किया था, जो गुरुवार को कांग्रेस में विलय हो गया। माना जा रहा है कि इससे बसपा सुप्रीमो मायावती को अगले लोकसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है। वहीं, नसीमुद्दीन के साथ ही बसपा के एक ऐसे नेता ने भी कांग्रेस ज्वाइन की है, जो 2012 विधानसभा चुनाव में चुने गए 403 विधायकों में सबसे ज्यादा अमीर थे। मतलब 16वीं विधानसभा के सबसे अमीर विधायक। वर्ष 2012 के चुनावों के आंकड़ों की बात करें तो उस समय उन्होंने अपनी संपत्ति 56.89 करोड़ बताई थी।
पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा
वैसे तो रामपुर की स्वार टांडा सीट पर कुछ ऐसा नहीं है, जो जानने योग्य हो, पर यहां से विधायक रह चुके नवाब काजिम अली जरूर करोड़पति हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से आजम खान के बेटे आजम अब्दुल्ला भी मैदान में थे, जिनके हाथों काजिम अली को शिकस्त खानी पड़ी थी। नवाब खानदान से ताल्लुक रखने वाले नवाब काजिम अली ने बसपा के टिकट पर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था।
चार बार रह चुके हैं विधायक
नवाब काजिम अली खान ने 2012 में स्वार से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल करके 16वीं विधानसभा के सबसे अमीर विधायक बने थे। मो. काजिम अली खान का असली नाम नवाब सयैद मो. शरीफ अली खान बहादुर है। उन्हें रामपुर का नवाब भी कहा जाता है। नवाब काजिम अली ने चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर से बैचर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन मार्केटिंग से डिग्री ली। वह लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपना पॉलिटिकल करियर कांग्रेस से शुरू किया था। वो पिछले चार बार से लगातार इसी पार्टी से विधायक बने थे। कांग्रेस से निकाले जाने के बाद उन्होंने बसपा ज्वाइन कर ली थी। अब उनकी फिर से घर वापसी हुई है।
Published on:
23 Feb 2018 02:40 pm
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