Lockdown में कंपनी ने तनख्वाह देनी की बंद तो चुरा लिया डाटा, अब तक लगा चुके लाखों का चूना

Highlights:

-मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार

-लोगों को लगा चुके लाखों का चूना

-इंडियामार्ट ने पुलिस में दर्ज कराई थी शिकायत

By: Rahul Chauhan

Published: 14 Jun 2020, 01:20 PM IST

ग्रेटर नोएडा। कोरोना वायरस का संक्रमण फैला तो देशभर में लॉकडाउन लागू हो गया। 24 मार्च को लॉकडाउन हुआ और कंपनी ने तनख्वाह देनी बंद कर दी। जिसके कारण कर्मचारियों ने गिरोह बना कंपनी का डाटा चोरी करके ग्राहकों को ठगना शुरू कर दिया। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने ऑनलाइन बिजनेस प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट का डाटा चोरी कर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी इंडियामार्ट में ही काम करते थे। उनके द्वारा इंडियामार्ट के नाम पर खुलवाए गए फर्जी बैंक खाते से पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये बरामद किए हैं।

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दरअसल, पुलिस की गिरफ्त में खड़े ईशान जैन, पंकज कुमार हरि सिंह इंडियामार्ट में ही काम करते थे। इन पर इंडियामार्ट का डाटा चोरी करने का आरोप है। इन लोगों ने फर्जी ई-मेल आईडी और फर्जी व्हाट्सएप आदि तैयार करके ग्राहकों से प्रोफाइल बनाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस उपायुक्त (अपराध) मीनाक्षी कात्यायन ने बताया कि इंडियामार्ट की ओर से एक मुकदमा दर्ज करवाया गया था।

कंपनी का आरोप था कि कोई उनका डाटा चोरी करके लोगों को कॉल कर रहा है। इंडियामार्ट की फर्जी मेंबरशिप देने के नाम पर लोगों से पैसा लिया जा रहा है। साइबर क्राइम सेल ने केस दर्ज करके जांच शुरू की। तो पता चला की इस गोरखधंधे में इंडियामार्ट के लोग शामिल है। इंडियामार्ट में मैनेजर पद पर तैनात ईशान जैन कंपनी के ग्राहकों का डाटा निकालकर अपने साथी पंकज कुमार के साथ मिलकर ग्राहकों को कॉल करता था। उनसे पैसा अपने दूसरे हरि सिंह के खातों में डलवाकर तीनों अपना-अपना हिस्सा बांट लेते थे।

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मीनाक्षी कात्यायन ने बताया कि इंडियामार्ट का डाटा चोरी करने वाले तीनों अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इन लोगों ने फर्जी ई-मेल आईडी और फर्जी व्हाट्सएप आदि तैयार करके ग्राहकों से प्रोफाइल बनाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को तीनों लोगों ने बताया है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैला तो देशभर में लॉकडाउन लागू हो गया। 24 मार्च को लॉकडाउन हुआ और कंपनी ने उन्हें तनख्वाह देनी बंद कर दी। जिसके कारण उनके सामने भूखों मरने का संकट पैदा हो गया था। ऐसे में उन लोगों को कोई रास्ता नजर नहीं आया और उन्होंने कंपनी का डाटा चोरी करके ग्राहकों को ठगना शुरू कर दिया। पुलिस इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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