दिल्ली से सटे नोएडा में अब घर खरीदना बेहद सस्ता, बोर्ड बैठक में हुआ बड़ा फैसला

नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में औद्योगिक को छोड़कर सभी संपत्तियों के ट्रांसफर शुल्क में भारी कटौती

By: lokesh verma

Published: 25 Sep 2021, 10:12 AM IST

नोएडा. दिल्ली से सटे हाईटेक सिटी नोएडा में अब संपत्ति खरीदना सस्ता होगा। क्योंकि नोएडा प्राधिकरण ने 203वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक को छोड़कर सभी विभागों की संपत्तियों के ट्रांसफर शुल्क में कटौती कर दी हैै। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, नोएडा व ग्रेटर नोएडा चेयरमैन संजीव मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 25 प्रस्तावों को बोर्ड सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। चर्चा के बाद जनहित के सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए।

नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को रिझाने के लिए भी कई प्रस्ताव पास किए हैं, जिसमें किसानों की अविवाहित पुत्रियों को पुत्र के समान अधिकार दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसान परिवार की परिभाषा में अविवाहित पुत्रियों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। इस बदलाव के बाद 400 से 500 किसानों को लाभ मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा आबादी नियमावली 2011 में पात्रता की शर्त में राजस्व ग्राम का मूल निवासी होने की शर्त को विस्तारित कर नोएडा अधिसूचित क्षेत्र किया गया। यहीं नहीं कृषक श्रेणी की आवासीय भूखंड योजना 2011 के आवंटियों को आवंटित धनराशि 30 दिन की बजाय 90 दिन में जमा करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें टाइम एक्सटेंशन के लिए अतिरिक्त रकम नहीं देनी होगी।

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अब ये होगा संपत्ति ट्रांसफर शुल्क

प्राधिकरण की बैठक में संपत्ति खरीदने पर लगाए जाने वाले शुल्क में भारी कटौती की है। अब आवासीय भूखंड विभाग के भूखंड या घर खरीदने पर ट्रांसफर शुल्क पांच प्रतिशत के स्थान पर 2.5 फीसदी ही लगेगा। इसी तरह ग्रुप हाउसिंग विभाग के भूखंड या फ्लैट का ट्रांसफर शुल्क भी पांच के बजाय 2.5 प्रतिशत ही चुकाना होगा। वहीं संस्थागत विभाग क्रियाशील कार्यालय भवनों का ट्रांसफर शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि औद्योगिक विभाग की संपत्ति का ट्रांसफर शुल्क चार प्रतिशत ही रहेगा।

दो अक्टूबर से एक दिसंबर तक ओटीएस योजना

नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक पास किए एक प्रस्ताव के अनुसार भूखंड की पूर्व राशि जमा कराने के लिए 60 दिन के स्थान पर 90 दिन का समय बिना ब्याज के देना होगा। वित्तीय वर्ष 2016-17 तक आवासीय भवनों की योजनाओं के तहत विभिन्न श्रेणी के आवंटित भवनों के लिए बकाया या डिफाल्टर घोषित हो चुके आवंटी ओटीएस स्कीम के जरिए बकाया रकम जमा कर सकते हैं। ओटीएस योजना दो अक्टूबर से एक दिसंबर तक लाई जाएगी। योजना के तहत कितना ब्याज माफ किया जाए। इसकी गणना पैनल करेगा।

लीज डीड विलंब शुल्क में सौ फीसद की छूट

वहीं, इस अवधि में लीज डीड कराने पर लीज डीड विलंब शुल्क में सौ फीसद की छूट दी जाएगी। कोविड-19 के समय अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए छह माह का समय निशुल्क दिए जाने का प्रावधान किया गया था। शासन ने स्पष्ट किया कि यह निशुल्क टाइम एक्सटेंशन सभी परिसंपत्तियों पर लागू होगी। औद्योगिक व संस्थागत विभाग में भूखंड आवंटन की धन राशि एकमुश्त जमा करने वाले आवेदकों को वरीयता दिए जाने का निर्णय लिया गया है। वहीं आवास भवन विभाग के किराया क्रय अभिधृत अनुबंध (एचपीटीए) के आधार पर कब्जा प्राप्त किए। ऐसे आवंटी जिनके द्वारा किस्तों का भुगतान नहीं किया गया है, ऐसे डिफाल्टर आवंटियों को लीज डीड की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटन निरस्त कर उनके द्वारा जमा की गई संपूर्ण राशि को प्राधिकरण जब्त कर लेगा।

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