पानी की समस्या को लेकर आमने-सामने हुए रेत ठेकेदार व किसान

ग्रामींणों ने पकड़ाए डंपर तो रेत ठेकेदारों ने पानी देना किया बंद
नदी में बने कुंओं को किया क्षतिग्रस्त, निकाली मोटर
जिले के अंसेरा-गटापायली घाट का मामला

By: mukesh yadav

Updated: 25 Mar 2021, 07:24 PM IST


बालाघाट. जिले के वारासिवनी-खैरलांजी क्षेत्र में इन दिनों पेयजल और सिंचाई की समस्या को लेकर किसान और रेत ठेकेदार आमने-सामने नजर आ रहे हैं। दरअसल ग्रामींण और किसानों द्वारा अवैध रेत खनन का विरोध किया जा रहा है। इस बात से आक्रोशित रेत ठेकेदार किसानों को नदी रेतघाट से सिंचाई के लिए पानी नहीं लेने दे रहे हैं। ताजा मामला वारासिवनी अंतर्गत ग्राम अंसेरा, गटापायली से बहने वाली चंदन नदी का सामने आया है। यहां स्थित कुओं को रेत ठेकेदार द्वारा तोड़कर कुएं में लगी किसानों की मोटर पंपों को निकाल दिया गया है। किसानों के सामने फसल पकाने के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
बताया गया कि कुछ दिन पूर्व अंसेरा घाट से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। तब अंसेरा के ग्रामीणों ने तीन डंपरों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके बाद रेत ठेकेदारों द्वारा अंसेरा, गटा पायली से बहने वाली चंदन नदी में किसानों द्वारा पानी के लिए बनाए गए कुंओं को तोड़कर मोटर पंपों को निकाल दिया गया है। इस बात से किसान आक्रोशित है। जिनके समक्ष सिंचाई की नई समस्या खड़ी हो गई है।
अंसेरा गटापायली के किसानों का कहना है कि उन्हें अब जनप्रतिनिधियों से उम्मीद है, जो चुनाव के समय हमेशा किसानों के साथ खड़े रहने की बात करते हैं। इसके बाद आंदोलन का रास्ता अपनाए जाने की बात भी किसान कह रहे हैं। इस मामले में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी गौरव सिंह पारधी का कहना है कि वे किसानों के साथ है। इस मामले में वे वरिष्ठों के संज्ञान में लाएंगे और किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

mukesh yadav Reporting
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