
पाली लोकसभा क्षेत्र : कपड़ा उद्योग वेंटिलेटर पर और खेत रो रहे पर ‘नेताजी’ कर रहे सिर्फ बातें
ये मुद्दा प्राथमिकता में, केन्द्र से जारी करवाई 100 करोड़ की योजना
पाली। शहर की प्रमुख समस्या प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ की योजना स्वीकृत कराई। पहली किस्त के रूप में पैसा भी मिल गया था। मैंने हर संभव प्रयास किया। कपड़ा उद्योग जीवित रहे और किसान भी परेशान नहीं हो, इसके लिए निरन्तर प्रयासरत हूं। ये मुद्दा अब भी मेरी प्राथमिकता में है। किसानों व उद्यमियों दोनों का याल रखा जाएगा। -पी.पी. चौधरी, भाजपा, प्रत्याशी
शहर का कपड़ा उद्योग जीवित रखेंगे, किसानों के साथ भी न्याय होगा
मैंने पिछले कार्यकाल में भी प्रदूषण का मुद्दा संसद में उठाया था। पाली शहर के साथ ही इससे सटे गांवों की इस प्रमुख समस्या के समाधान के लिए मंत्री से भी बात की थी। मेरा प्रयास रहा है कि पाली का कपड़ा उद्योग जीवित रहे और किसानों के साथ भी इंसाफ हो। उद्यमी मेरे से भी मिले हैं। पाली की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। इसके लिए निरंतर रूप से मेेरे प्रयास जारी है। -बद्रीराम जाखड़, कांग्रेस, प्रत्याशी
आमने-सामने : उद्योग ही नहीं, किसान भी कराह रहे
पाली। प्रदूषण से कपड़ा उद्योग हाशिये पर आ चुका है तो किसान भी कराह रहे हैं। आज पाली की 800 से अधिक इकाइयों पर संकट के बादल मंडरा रहे है। इसके लिए जेडएलडी या पाइप लाइन बिछाकर प्रदूषित पानी का निस्तारण करने की योजनाएं तो बनी, लेकिन मूर्त रूप नहीं ले सकी है। रोटेशन के आधार पर फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है। श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। लेकिन, राजनीतिक स्तर भी बातें ही हुई हैं।
Updated on:
23 Apr 2019 01:18 pm
Published on:
23 Apr 2019 01:18 pm
