
सांकेतिक इमेज (फोटो सोर्स- Chatgpt)
डिजिटल ठगी की दुनिया में ई‑कॉमर्स पर खरीदारी करते समय सावधानी रखना अब सिर्फ समझदारी नहीं, बल्कि जरूरी हो गया है। अपराधी लोगों को चूना लगाने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वे नकली वेबसाइट, झूठे ऑफर और फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों को शिकार बनाते हैं। इसलिए डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा का पहला कदम है।
ठग अक्सर नकली वेबसाइट बनाकर असली ई‑कॉमर्स पोर्टल्स का रूप धारण कर लेते हैं। वे ब्रांडेड सामान पर भारी डिस्काउंट दिखाकर यूजर्स को फंसाते हैं, लेकिन पेमेंट के बाद सामान नहीं मिलता। कई बार सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए ऐसे फेक पोर्टल्स को प्रचारित किया जाता है। सरकार की साइबर सुरक्षा गाइड में भी चेतावनी दी गई है कि ऐसे फर्जी साइट्स पर कार्ड या नेट‑बैंकिंग की जानकारी न दें और शक होने की स्थिति में CoD (कैश ऑन डिलीवरी) का विकल्प चुनें।
अगर आपको ठगी का संदेह हो, तो तुरंत कार्रवाई करें। ठगी के बाद पहले 6 घंटे बहुत मायने रखते हैं। आप राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकते हैं। यदि भुगतान कार्ड या बैंक से जुड़ा है, तो बैंक के नोडल अधिकारी को ई‑मेल भेजें और RBI ओम्बड्समैन से चार्जबैक की मांग करें। ई‑कॉमर्स साइट पर शिकायत दर्ज करें, ग्राहक सेवा से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता अदालत में केस करें।
सरकार और टेक कंपनियां मिलकर डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। उदाहरण के लिए 'Consumer Go Safely Digital Campaign' में इंटरनेट सुरक्षा और ई‑कॉमर्स में सावधानियों पर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने भी एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें फिशिंग, नकली ऐप्स, SIM‑स्वैप और QR‑स्कैम जैसे खतरों से बचने के उपाय बताए गए हैं।
| सावधानी | उद्देश्य |
|---|---|
| प्रतिष्ठित साइट और HTTPS जांचें | डेटा एन्क्रिप्शन और भरोसेमंद स्रोत सुनिश्चित करना |
| ऑफर की तुलना और समीक्षा पढ़ें | फर्जी या अतिरंजित ऑफर से बचना |
| सार्वजनिक नेटवर्क से बचें | डेटा चोरी और हैकिंग से सुरक्षा |
| कार्ड डिटेल्स सेव न करें | अनधिकृत उपयोग से बचाव |
| UPI/QR में PIN/OTP न डालें | फर्जी लेन‑देन से बचना |
डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच, सरकार ने हाल ही में 'डिजिटल इंडिया सुरक्षा अभियान' की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल लेन-देन के दौरान सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत विभिन्न कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जा रहा है। डिजिटल ठगी से बचने के लिए सतर्कता, जानकारी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। नकली वेबसाइटों और ऑफर की पहचान करें, सुरक्षित नेटवर्क और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और अगर ठगी हो जाए तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। आपकी सतर्कता ही ठगों की चालाकी को नाकाम कर सकती है।
Updated on:
13 Aug 2026 05:10 pm
Published on:
13 Aug 2026 05:10 pm
