9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

ये महिलाएं देती हैं जुड़वा बच्चों को जन्म, वजह बेहद चौंकाने वाली

हार्मोनल इम्बैलेंस के चलते महिलाएं दे सकती है जुड़वा बच्चों को जन्म

3 min read
Google source verification
twins baby

हर महिला का सपना मां बनना होता है। ये उनके लिए एक सुखद एहसास होता है, मगर खुशियों में चार चांद तब लग जाते हैं जब उन्हें जुड़वां बच्चे पैदा होते है। ऐसी घटना कुछ ही महिलाओं के साथ होती है। दिलचस्प बात यह है कि आखिर इन्हें ही क्यों ट्विइन्स बच्चे होते हैं।

twins baby

जिन महिलाओं के जुड़वा बच्चे होते हैं उन पर जीन का प्रभाव रहता है। नीदरलैंड के व्रिजे यूनिवर्सिटी के बॉयोलॉजिकल साइकोलॉजिस्ट डोरेट बूमस्मा के मुताबिक यदि आपके वंश में किसी के जुड़वा बच्चे हुए है तो आपके भी हो सकते हैं। ये एक तरह की अनुवांशिक प्रक्रिया होती है।

twins baby

अमेरिकन जर्नल ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के तहत महिला और पुरुष के जीन एक साथ मिलकर कुछ विशेष क्रिया के होने से भी जुड़वा बच्चों का जन्म होता है। इससे शुक्राणु सक्रिय हो जाते हैं।

twins baby

जुड़वा बच्चे भी दो प्रकार के होते हैं। पहला जिसे डायजाइगॉटिक कहते हैं। जिसे आम भाषा में भ्रातृ जुड़वा कहते हैं। इसमें पैदा हुए बच्चे दो लड़के व दो लड़कियां व एक लड़का और एक लड़की हो सकते हैं। इनकी आदतें तो काफी कुछ एक जैसी होती हैं, लेकिन इनकी शख्ल में थोड़ा अंतर रहता है।

twins baby

वहीं जुड़वा बच्चों का दूसरा प्रकार है मोनोजाइगॉटिक। इसे आम भाषा में अभिन्न जुड़वा भी कहते है। इस प्रक्रिया के तहत जन्म लेने वाले बच्चे हूबहू एक जैसे दिखते हैं। इनके नेचर से लेकर इनके लुक तक सब कुछ एक समान रहता है। इसलिए इनके बीच पहचान करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

twins baby

डायजाइगॉटिक जुड़वा बच्चों का निर्माण तब होता है जब स्त्री दो अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणु से दो अलग अंडकोशिका में शुक्राणुओं को निषेचित करती है। वहीं कई बार हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से भी स्त्री के गर्भ में दो अंडे बनते हैं।

twins baby

.इन अंडों के बनने की प्रक्रिया स्त्री और पुरुष के एक बार संबंध बनाते ही सक्रिय हो जाते हैं। डायजाइगॉटिक प्रक्रिया के तहत जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म कुछ सेकेंड व मिनट के अंतराल पर होता है। क्योंकि दोनों बच्चे दो अलग—अलग अंडों में होते हैं। इसलिए पहले एक बच्चे का जन्म होता है, इसके बाद दूसरे बच्चे का।

twins baby

मोनोजाइगॉटिक बच्चों के जन्म के तहत एक शुक्राणु दो हिस्सों में बंट जाता है। इस कारण इनकी शक्ल, कद-काठी और व्यवहार एक जैसा ही होता है। ऐसे बच्चों का जन्म अनुवांशिक असर के चलते होता है। अगर परिवार में किसी के ऐसे जुड़वा बच्चे हैं तो आपके भी ऐसे होने की संभावना रहती है।

twins baby

अमेरिकन कॉलेज अफ अब्स्टेट्रिक्स एंड गाइनोकॉलजी में छपी एक स्टडी के मुताबिक जिन महिलाओं का बीएमआई 30 या उससे ज्यादा होता है उनके भी जुड़वा बच्चे होने की संभावना रहती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने पर भी महिलाओं के जुड़वा बच्चे होने की आशंका रहती है।

twins baby

यूं तो गर्भधारण रोकने के लिए महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां खाती हैं, लेकिन इन दवाइयों के सेवन से भी जुड़वा बच्चों का जन्म हो सकता है। दरअसल कुछ समय बाद इन दवाइयों को लेना बंद करने से कई बार हार्मोनल इंम्बैलेंस हो जाता है। जिसके चलते दो बच्चे पैदा होते हैं।