13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हथकड़ी से खुश होती हैं दिवाक मां, कानूनी दांव-पेंच से कराती हैं मुक्ति

हथकड़ी से खुश होती हैं दिवाक मां, कानूनी दांव-पेंच से कराती हैं मुक्ति

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Pawan Tiwari

May 30, 2019

diwak mata mandir rajasthan

हथकड़ी से खुश होती हैं दिवाक मां, कानूनी दांव-पेंच से कराती हैं मुक्ति

हिन्दुस्तान में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां अजब-गजब रिवाज है। किसी मंदिर चॉकलेट का भोग लगाया जाता है तो किसी मंदिर में चप्पल चढ़ाया जाता हैं। आज हम आपके एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाकर मां को खुश किया जाता है। कहा जाता है कि जो यहां हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाता है, वह निराश नहीं लौटता है।

ये भी पढ़ें- हो गया खुलासा! आखिर आज ही क्यों PM पद की शपथ ले रहे मोदी

यह मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की जोलार ग्राम पंचायात में है। इसे दिवाक माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। कहा जाता इस देवी की पूजा सबसे डाकुओं ने ही शुरू की थी। बताया जाता है यहां वर्षों पहले दूर-दूर तक जंगल हुआ करता था। उस वक्त यहां डाकू रहा करते थे और वे ही देवी मां कू पूजा करते थे।

ये भी पढ़ें- अपार सफलता के साथ मिलेगी प्रेत योनी से मुक्ति, बस करना होगा ये काम

बताया जाता है कि जब वे मां की प्रार्थना करते थे तब मां कहते थे कि डकैती करते वक्त पकड़े नहीं जाएं, साथ ही अगर पकड़े गए तो कुछ ऐसा हो कि वे जेल से भाग जाएं। मन्नत में कहते थे कि आगर ऐसा हुआ तो वे मां को हथकड़ी चढ़ाएंगे। कहा जाता है कि मां उनकी मन्नतें पूरी करती रहीं, और वे हथकड़ी चढ़ाते रहे। बताया जाता है कि तब ही से यह परंपरा शुरू हो गई है।

बताया जाता है कि अक्सर यहां वैसे ही श्रद्धालु आते हैं जो कानूनी कार्रवाई में फंसे हुए हैं। वे यहां आकर मां को हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाते हैं और मां से कानून कार्रवाई से मुक्ति के लिए आर्जी लगाते हैं। बताया जाता है यहां लगभग 200 साल पुरान एक त्रिशुल है, श्रद्धालु उसी त्रिशुल पर हथकड़ी और बेडियां चढ़ाते हैं। श्रद्धालु कहते हैं कि जो भी यहां आया, वह खाली हाथ नहीं लौटा है।


बड़ी खबरें

View All

तीर्थ यात्रा

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग