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कंगना रनौत के बयान के खिलाफ देश भर में बवाल, कई राज्यों में केस दर्ज, BJP नेता ने भी की आलोचना

कंगना रनौत के भीख में आजादी वाले बयान ने तूल पकड़ लिया है। देशभर में इस बयान का ना सिर्फ विरोध हो रहा है बल्कि कंगना के पद्मश्री पुरस्कार को भी वापस लेने की मांग की जा रही है, देश के कई राज्यों में अभिनेत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है वहीं ट्विटर पर #KanganaRanautDeshdrohi ट्रेंड कर रहा है।
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Dheeraj Sharma

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Updated: 13 Nov 2021, 11:49 AM IST

Kangana Ranaut

नई दिल्ली। कंगना रणौत ( Kangana Ranaut ) के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। देश की आजादी का साल 2014 बताकर कंगना विवादों में घिर गई हैं। सोशल मीडिया पर फैंस उनसे पद्मश्री वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक दलों ने कंगना के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। यही नहीं बीजेपी भी कंगना के इस बयान को गलत बता रही है।

महाराष्ट्र के भाजपा प्रमुख ( BJP ) चंद्रकांत पाटिल ( Chandrakant Patil ) ने कंगना के बयान को पूरी तरह से गलत करार दिया है। बता दें कि कंगाना रनौत ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि भारत को असल मायने में आजादी 2014 में मिली। उनका इशारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्र में सरकार बनाने से था।

यह भी पढ़ेंः नवाब मलिक का कंगना रनौत पर तंज, बोले- ले ली ड्रग की ओवरडोज, स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने पर वापस लें 'पद्म श्री'

कंगना रनौत के भीख में आजादी वाले बयान ने तूल पकड़ लिया है। देशभर में इस बयान का ना सिर्फ विरोध हो रहा है बल्कि कंगना के पद्मश्री पुरस्कार को भी वापस लेने की मांग की जा रही है।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी कंगना रनौत के बयान की कड़ी आलोचना की है।

महाराष्ट्र बीजेपी चीफ चंद्रकांत पाटिल ने कहा है, किसी को भी आजादी की लड़ाई या फिर स्वतंत्रता सेनानियों पर नकारात्मक टिप्पणी करने का हक नहीं है। ऐसा करना सरासरगलत है।

उन्होंने कहा कि आप प्रधानमंत्री के कामों की तारीफ कर सकते हैं, लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन की आलोचना नहीं।

इससे पहले महात्मा गांधी के पड़पौत्र तुषार गांधी ने अभिनेत्री को नफरत का एक एजेंट बताते हुए ट्वीट किया, 'पद्मश्री कंगना रणौत नफरत, असहिष्णुता की एजेंट है। यह हैरानी की बात नहीं है कि उन्हें लगता है कि भारत को आजादी 2014 में मिली। घृणा, असहिष्णुता, दिखावटी देशभक्ति और दमन को भारत में 2014 में आजादी मिली।

यहां पर दर्ज हुई कंगना के खिलाफ शिकायत
उत्तराखंड के हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कंगना के खिलाफ दो जगहों पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। रुड़की और ज्वालापुर में दर्ज शिकायतों में कंगना के ऊपर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का अपमान करने का आरोप लगा है।

वहीं महिला कांग्रेस की ओर से राजस्थान के चार शहरों जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और चूरू में फिल्म अभिनेत्री के खिलाफ इसी मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुंबई पुलिस को शिकायत की एक अर्जी देते हुए अभिनेत्री के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। जबकि मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों ने कंगना का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया।

एनसीपी और शिवसेना ने की पद्मश्री वापस लेने की मांग
कंगान के बयान को लेकर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी कड़ा विरोध जताया था। शुक्रवार को उन्होंने कंगना के पद्मश्री वापस लेने की मांग की। वहीं शिवसेना ने कहा है कि कंगना के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

ट्रेंड कर रहा #KanganaRanautDeshdrohi
कंगना के बयान का सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हो रहा है। ट्विटर पर #KanganaRanautDeshdrohi ट्रेंड कर रहा है। कई लोगों ने कंगना के बयान को लेकर अपने-अपने अंदाज में आलोचना की है।