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#MeToo: मेनका गांधी का बड़ा बयान- पावर में रहने वाले पुरुष करते हैं यौन उत्पीड़न, हर शिकायत हो जांच

#MeToo अभियान के तहत यौन शोषण की शिकायतों पर मेनका गांधी ने बड़ा बयान दिया है।
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नई दिल्ली

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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 10 Oct 2018, 5:37 PM IST

maneka gandhi

#MeToo: मेनका गांधी का बड़ा बयान- पावर में रहने वाले पुरुष करते हैं यौन उत्पीड़न, हर शिकायत हो जांच

नई दिल्ली। यौन उत्पीड़न की बढ़ रही शिकायतों पर केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने संज्ञान लिया है। गांधी ने कहा है कि किसी महिला द्वारा किसी व्यक्ति पर लगाए गये यौन प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि इस मुद्दे पर महिलाएं अक्सर बोलने से अक्सर बचती हैं। मेनका गांधी का ये बयान ऐसे वक्त पर आया है उन्हीं के सहयोगी और मोदी कैबिनेट में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर 8 महिला पत्रकारों ने #MeToo अभियान के तहत यौन शोषण का आरोप लगाया है। इसके अलावा भी सिनेमा और खेल जगत में कई दिग्गज हस्तियों पर महिलाओं ने इस तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पावर में रहने वाले पुरुष करते हैं ऐसी हरकत : मेनका गांधी

मेनका गांधी ने एक निजी टीवी चैनल से कहा कि यौन प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि महिलायें इस मुद्दे पर बोलती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन जब कोई महिला इस मुद्दे पर बोलती है तो यह गंभीर बात होती है। उन्होंने कहा कि जो पुरुष अधिकार संपन्न (पावर) की स्थिति में होते हैं, वे अक्सर ऐसा करते हैं। यह बात मीडिया के साथ-साथ राजनीति और कंपनियों के उच्च पदों पर आसीन पुरुषों पर भी लागू होती है।

एमजे अकबर पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कानून मंत्री भी चुप, बोले- ये आज का विषय नहीं

किसी पर भी हो आरोप, सबकी जांच हो : मेनका

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर महिलायें बोलने से बचती हैं क्योंकि वे सोचती हैं कि लोग उनका मजाक उड़ाएंगे और उनके चरित्र पर शक करेंगे लेकिन अब वे बोल रही है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं इस मुद्दे पर बोल रही है तो हमें इस मामले में प्रत्येक आरोप पर और प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

सुषमा और रविशंकर ने नहीं दिया जवाब

वहीं दूसरी ओर मोदी कैबिनेट के दो कद्दावर मंत्रियों ने एमजे अकबर यौन उत्पीड़न मामले पर बोलने से इनकार कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जब पत्रकारों ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से इस मुद्दे पर जवाब चाहा तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि यह प्रश्न आज के मंत्रिमंडल के विषय से संबंधित नहीं है। इससे एक दिन पहले यानि मंगलवार को जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी बोलने से इनकार कर दिया। पत्रकारों के कई बार सवाल पूछने पर स्वराज ने सिर्फ नो क्वेश्चन कहा और चली गईं।

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