
भूपेश सरकार के सत्ता संभालने के बाद माओवादी घटनाओं में 40 फीसदी की कमी
रायपुर. छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन होने के बाद माओवादी समस्या पर लगाम लगाने की कोशिशें कामयाब होती दिख रही है। पिछले एक वर्ष में जहां शहीद होने वाले जवानों की संख्या में कमी आई है, वहीं आम नागरिक भी माओवादियों का शिकार होने से बचा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल माओवादी समस्या को खत्म करने कार्ययोजना बनाने का दावा कर रहे हैं। सीएम का कहना है कि माओवाद को खत्म करने के लिए विकास के साथ विश्वास और सुरक्षा चाहिए। सरकार पर भरोसा होना चाहिए। मैंने वहां आदिवासियों की जमीन वापस की। रोजगार के बेहतर अवसर दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, कुपोषण के लिए डीएमएफ का पैसा खर्च किया। सरकार की कोशिशों का नतीजा है कि माओवादी गतिविधियों में लगभग 40 फीसदी कमी आई।
राज्य के 14 जिला सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलरामपुर और कबीरधाम माओवादी समस्या से प्रभावित हैं। इन इलाकों में पूर्व में माओवादियों ने नेताओं से लेकर प्रभावशाली लोगों तक को भी निशाना बना चुके हैं। इस वर्ष के आंकड़े के अनुसार भूपेश सरकार के सत्ता संभालने के बाद माओवादी घटनाओं में भारी कमी आई है।
पुलिस-नक्सली मुठभेड़
वर्ष 2018 में 166 घटनाएं
वर्ष 2019 में 112 घटनाएं
मतलब 32.53 फीसदी की कमी दर्ज हुई
मुठभेड़ में माओवादी मारे गए
वर्ष 2018 में 124 माओवादी मारे गए
वर्ष 2019 में 77 माओवादी मारे गए
आम नागरिकों की जानें गई
वर्ष 2018 में 89 लोगों की जानें गई
वर्ष 2019 में 46 नागरिकों की जानें गईं
मतलब 48.31 फीसदी की कमी दर्ज हुई
पुलिसकर्मी शहीद हुए
2018 में 53 जवान शहीद हुए
2019 में 19 जवान शहीद हुए
64.15 फीसदी की कमी दर्ज हुई
गोपनीय सैनिक शहीद हुए
वर्ष 2018 में 6 शहीद हुए
वर्ष 2019 में 3 शहीद हुए
आईईडी विस्फोट
वर्ष 2018 में 77 विस्फोट हुए
वर्ष 2019 में 41 विस्फोट हुए
64.75 फीसदी की कमी दर्ज हुई
माओवादी घटनाओं में हथियार लूट की घटनाओं में 56.25 फीसदी की कमी आई है।
माओवादी संगठन कमजोर होती जा रही है
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (माओवाद ऑपरेशन) सुंदर राज पी. ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में विश्वास, विकास और सुरक्षा का जो अभियान चलाया जा रहा है, उसके नतीजे सामने आ रहे हैं। सुरक्षा बल जहां घोर माओवादी प्रभावित इलाकों तक पहुंचे हैं, वहीं माओवादी संगठन कमजोर हुए हैं। पुलिस को जन सामान्य का साथ मिला है। पुलिस की ऑपरेशन कैपेबिलिटी से बड़ा बदलाव आया है।
Published on:
24 Dec 2019 06:55 pm
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