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जानिए कैसे पड़ा छत्तीसगढ़ के 400 पुराने बिलासपुर शहर का नाम, पढ़िए इतिहास और सामान्य परिचय

History Of Bilaspur City: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी के नाम से जाना जाने वाला बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा प्रमुख शहर है। यह सिर्फ़ न्याय की खुशबू ही नहीं बिखेरता बल्कि यह सुगंधित दूबराज चावल की किस्म के लिए भी प्रसिद्ध है। रायपुर शहर से 92 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित बिलासपुर को अपने धार्मिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों के कारण विशेष पहचान मिलती है। साथ ही बिलासपुर के सीपत में एनटीपीसी का उर्जा-गृह है और एसईसीएल का मुख्यालय भी यहीं है।

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History Of Bilaspur City: बिलासपुर शहर लगभग 400 वर्ष पुराना है। "बिलासपुर" का नाम "बिलासा" नाम की एक साहसी महिला के नाम पर रखा गया है ।ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर हुआ करती थी। बताते हैं कि कलचुरी राजवंश के राजा कल्याण साय एक दिन अपने कुछ सैनिकों के साथ बिलासपुर जिले की अरपा नदी के किनारे जंगल पर शिकार करने पहुंचे। शिकार में मग्न राजा सैनिकों से अलग होकर जंगल में काफी भीतर पहुंच गए। अचानक राजा जंगली जीवों से घिर गए। जानवरों ने उन पर हमला कर दिया। राजा जमीन पर गिर गए। बिलासा बाई नाम की एक मछुआरिन घोड़े की आवाज सुनकर जंगल की ओर भागी। उसने वहां पर वन्यजीवों का मुकाबला कर राजा की जान बचाई। बाद में राजा ने ससम्मान बिलासा बाई को राजधानी बुलाया और उपहार स्वरूप अरपा नदी के दोनों किनारे की जागीर सौंप दी। बिलासा बाई के नाम पर इस क्षेत्र को बिलासपुर नाम दिया गया। जोन है। आइए बिलासपुर जिले के बारे में विस्तार से जानते हैं।

इस शहर का मूल स्वरूप 1774 के आसपास मराठा राजवंश के समय में आया था। 1854 में ब्रिटिश सरकार की ईस्ट इंडिया कंपनी ने बिलासपुर का अधिग्रहण कर लिया। वर्तमान बिलासपुर जिले का गठन 1861 में हुआ तथा बिलासपुर नगर निगम 1867 में अस्तित्व में आया।

जिले की प्रशासनिक जानकारी
छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार बिलासपुर जिले का क्षेत्रफल 3508.48 वर्ग किलोमीटर है।बिलासपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। जिले की कुल जनसंख्या 16,25,502 ( 2011 की जनगणना के अनुसार) है। यहाँ 1 नगरनिगम, 2 नगर पलिका परिषद, 4 नगर पंचायत, 4 ब्लॉक, 5 तहसील, 483 ग्राम पंचायत और 708 राजस्व ग्राम हैं।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय का गठन मध्य-प्रदेश पुनर्गठन नियम, (2000) के द्वारा हुआ। इसे देश के 19 वें उच्च-न्यायालय के रूप में मान्यता मिली।बिलासपुर के गांव बोदरी में स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश श्री आर.एस. गर्ग थे। बिलासपुर उच्च न्यायालय एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है।

शिक्षा
बिलासपुर में चार विश्वविद्यालय और अनेक महाविद्यालय हैं-
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर विश्वविद्यालय,
पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय
और सी.व्ही.रमन विश्वविद्यालय
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान, त्रिवेणी दन्त चिकित्सा महाविद्यालय और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज
शासकीय माता शबरी महाविद्यालय, नवीन कन्या महाविद्यालय, जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, शान्ति निकेतन महाविद्यालय, ठाकुर छेदीलाल बेरिस्टर कृषि महाविद्यालय आदि

स्कूल
बिलासपुर में नवोदय विद्यालय,केंद्रीय विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,दिल्ली पब्लिक स्कूल दी जैन इंटरनेशनल स्कूल, सेंट जेविएर्स स्कूल, सेंट फ्रांसिस स्कूल, सेंट जोसेफ आदि स्कूल हैं।

स्वास्थ्य
बिलासपुर के प्रमुख अस्पतालों में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), राज्य मानसिक स्वास्थ चिकित्सालय, जिला अस्पताल, बिलासपुर आदि शामिल हैं। साथ ही बिलासपुर के कोनी में राज्य कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है।

रेलवे
बिलासपुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ के व्यस्ततम रेलमार्गों में से एक है और मध्य भारत में चौथा सबसे व्यस्त रेलमार्ग है।प्रदेश का सबसे पुराना रेल मंडल भी बिलासपुर रेल मंडल है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर देश के विभिन्न रेल ज़ोनों के बीच सबसे ज्यादा कमाई करने वाला ज़ोन है। यह भारत के लगभग सभी राज्यों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। राजधानी एक्सप्रेस बिलासपुर से नयी दिल्ली को जोड़ती है।

सड़क यातायात
बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाल के द्वारा मुंबई तथा कोलकाता से जुडा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 इसे रायपुर से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 111 बिलासपुर से प्रारंभ होता है जो कि अंबिकापुर तथा वाराणसी को जोड़ता है।बिलासपुर से राज्य के लगभग सभी हिस्सों को जोड़ने के लिए बस सेवाएं उपलब्ध हैं।हाल ही में बढ़ते हुए यातायात को देखते हुए एक नया बस-अड्डा तिफरा में स्थापित किया गया है।

हवाई यातायात
बिलासपुर हवाई अड्डे को बिलासा देवी केवट हवाई अड्डे के रूप में जाना जाता है। यह बिलासपुर से 10 किलोमीटर दक्षिण में चकरभट्टा में स्थित है । 1942 में रॉयल एयरफोर्स द्वारा बनाया गया बिलासपुर हवाई अड्डा छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना हवाई अड्डा है।